स्मॉग से बचने के उपाय - How to Prevent Smog in Hindi
देखभाल

स्मॉग से बचने के उपाय - How to Prevent Smog in Hindi

Health Raftaar

कैसे बचें दिल्ली की दमघोंटू “स्मॉग” से

प्रदूषण आधुनिक समाज की एक सबसे बड़ी परेशानी है लेकिन हाल के दिनों में दिल्ली और इसके आसपास फैले प्रदूषण ने लोगों को सांस लेना भी दुश्वार कर दिया है। दिल्ली की हवा (Delhi Pollution) इतनी ज्यादा खराब हो चुकी है कि इसे एक गैस चैंबर कहा जा रहा है। इस प्रदूषण के कारण स्मॉग (Smog) काफी बढ़ गया है।

क्या है स्मॉग - Smog Details in Hindi 

स्मॉग धूंध या धुआं नहीं है, दरअसल यह धूंध और धुएं का मिलाजुला रूप है। 'स्मॉग' शब्द अंग्रेजी के दो शब्दों 'स्मोक' और 'फॉग' से मिलकर बना है। यह वायु प्रदूषण की एक अवस्था है। जब हवा को प्रदूषित करने वाले हानिकारक रसायन कुहासे यानि फॉग के संपर्क में आते हैं तब 'स्मॉग' की स्थिति बनती है। हवा को प्रदूषित करने में धूल-मिट्टी के कण, कार्बन मोनोक्साइड सहित अन्य हानिकारक रसायन आते हैं। 

स्मॉग से होने वाली समस्या - Effects of Smog

हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों, धूल मिट्टी के कण आदि के कारण दिल और सांस की बीमारी होना आम है। हवा में पीएम 2.5 की अत्यधिक मात्रा के कारण डायबिटीज और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इस मौसम में आंखो में जलन, दम घुटना, , खाँसी, सर्दी, जुकाम आदि की समस्या आम होने लगी है। 

कैसे बचें स्मॉग से - Prevention of Smog in Hindi

अत्यधिक स्मॉग (Smog) या हवा के ज्यादा प्रदूषित होने पर निम्न कदम उठाए (Prevention of Smog) जा सकते हैं: 

•    अत्यधिक जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर निकलते समय मास्क लगाने का प्रयास करें। मास्क कई तरह के होते हैं, इन्हें आप अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं। 
•    विशेषकर सुबह और रात के समय बाहर निकलने से परहेज करें। कुछ दिन के लिए मॉर्निंग वॉक छोड़ना सही विकल्प होगा। 
•    इंडोर एक्सरसाइजों पर जोर दें। 
•    आंखों में जलन होने पर पानी से अच्छी तरह से धोएं। 
•    रात को सोने से पहले गार्गल (Gargal) कर के सोएं, ऐसा करने से गले और स्वास नली में फंसी गंदगी निकल जाती है। 
•    गाड़ी से सफर करते हुए शीशे बंद रखें। 
•    अपनी गाड़ी इस्तेमाल करने से बेहतर है मेट्रो या अन्य सार्वजनिक साधनों का प्रयोग किया जाए। 
•    अगर संभव हो एयर प्यूरीफायर खरीदें, यह आपके घर की हवा को साफ रखते हैं। 
•    घर के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं, छत या बालकनी पर भी कुछ गमले रखकर आप अपने आसपास की हवा को सुधारने में छोटा-सा योगदान दे सकते हैं। 
•    ऐसे मौसम में शरीर के अंदर सांस के माध्यम से काफी गंदगी अंदर चली जाती है इसे बाहर निकालने के लिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। 
•    तुलसी-अदरक  की चाय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। 
•    डॉक्टर की सलाह पर ऐसे वातावरण में फ्लू के इंजेक्शन भी लिए जा सकते हैं। 
•    खुले में कूड़ा-करकट या पत्तियां नहीं जलानी चाहिए और दूसरों को ऐसा करने से मना करना चाहिए। जहां कूड़ा या पॉलीथीन जल रही हो वहां देर तक खड़ा नहीं रहना चाहिए। 

उपरोक्त उपाय अधिकतर क्षणिक हैं जो कुछ समय के लिए ही प्रदूषण रूपी दानव से हमारी रक्षा करते हैं, अगर हमें लंबे समय के लिए इस समस्या से निजात चाहिए तो हमें प्रदूषण रोकने के उपायों पर काम करना चाहिए। 

Raftaar
women.raftaar.in