नंगे पैर घूमने के फायदे - Benefits of Walking Barefoot in Hindi
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नंगे पैर घूमने के फायदे - Benefits of Walking Barefoot in Hindi

Health Raftaar

बाहर नंगे पैर घूमने से हमें अकसर मना किया जाता है। लेकिन कुदरत के आंगन में नंगे पैर घूमने से आपको कई लाभ मिल सकते हैं। आप कुदरत के करीब आते हैं और साथ ही आपका व्यायाम भी हो जाता है।

हमें बचपन से नंगे पैर न घूमने की सलाह दी जाती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि नंगे पैर घूमने के भी अपने फायदे हैं। और शायद ये फायदे सुनकर आप हैरान रह जाएं।

दुविधा दूर करे -

जब आप नंगे पैर चल रहे होते हैं, तो आप हर कदम सोच समझकर रखते हैं। आप अपने पैरों को कांटों और पत्थरों से बचाने का प्रयास करते हैं। इस समय आप पूरी तरह से सजग रहते हैं। आपकी अंदर मची हलचल शांत हो जाती है और आप इस एक पल पर ध्यान केंद्रित करने में लग जाते हैं। इससे आपको आज और अभी में जीने का अनुभव होता है।

नंगे पैर चलने से मांसपेश‍ियां स्ट्रेच और मजबूत होती हैं। इससे पिण्डली, टखनों, एड़‍ियों और पैरों की मांसपेशियों का अच्छा-खासा व्यायाम हो जाता है। इससे चोट लगने, घुटनों में ख‍िंचाव आने और कमर दर्द की समस्याओं से राहत मिलती है। नंगे पैर चलने से आपका पॉश्चर भी सुधरता है और शारीरिक संतुलन भी बेहतर होता है।

यह मुफ्त रिफ्लेक्सोलॉजी है -

हमारे शरीर के हर अंग का रिफ्लेक्स प्वाइंट पैरों में मौजूद होता है। नंगे पैर चलने से इन रिफ्लेक्स प्वाइंट पर दबाव पड़ता है। जिससे शरीर के कई अंगों का व्यायाम हो जाता है। उनकी तकलीफ दूर होती है। हां, शुरुआत में आपको इतना असर नजर नहीं आएगा, लेकिन धीरे-धीरे आप फर्क महसूस कर पाएंगे।

चिंता और अवसाद करे दूर -

नंगे पांव घास पर चलने से चिंता और अवसाद दूर होता है। एक शोध में बताया गया कि नंगे पैर हरी घास पर चलने से तनाव और चिंता में 62 फीसदी की कमी आती है। कई लोग यह भी मानते हैं कि सुबह-सुबह हरी घास पर चलने से आंखों को भी फायदा होता है।

नींद अच्छी आती है -

पुरातन समय में माना जाता था कि घास पर नंगे पैरा चलने से अनिद्रा की बीमारी को दूर किया जा सकता है। वे मानते थे कि अगर शाम को नंगे पांव घास पर चला जाए, तो रात को चैन की नींद आती है। आज भी इस बात पर विश्वास किया जाता है।

जमीन से जुड़ना -

नंगे पैर जमीन पर चलने से हमारा शरीर शांत होता है, शरीर में सूजन और जलन कम होती है, हमारी बॉडी क्लॉक सही होती है। इतना ही नहीं हॉर्मोन्स असंतुलन भी दूर होता है। यह भी माना जाता है कि इस सबके पीछे हमारे शरीर में मौजूद जल का होना है। जल विद्युत का सुचालक होता है। और धरती में नकारात्मकआयोनिक चार्ज होता है। नंगे पैर चलने से नकारात्मक ऑयोन नष्ट होते हैं। 

नंगे पैर बाहर घूमने से आप कुदरत के करीब आते हैं। जब भी बाहर नंगे पैर घूमने जाएं, तो धरती और सूरज की किरणों को पूरी तरह महसूस करें। पेड़ों से टकराती हवाओं का संगीत सुनें। ऐसा करके आप प्रकृति के करीब आयेंगे। आप में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।