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Mahilaon Ke Swasthya Se Sambandhit Prachlit Bimariyan

महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित प्रचलित बीमारियां (Mahilaon Ke Swasthya Se Sambandhit Prachlit Bimariyan)

कभी-कभी आप भी सोचती होंगी कि कैसे दादी-नानी के ज़माने की औरतें इतनी स्वस्थ होती थीं? जबकि ना तो वे हमारी तरह सोच समझकर खाती थीं, ना जिम जाती थीं और ना ही हमारी तरह स्वास्थ्य के प्रति जागरुक थीं। आज के समय में घर और बाहर दोनों की जिम्मेदारी संभल रही औरत किसी ना किसी बीमारी से घिरी है। आइये जानते हैं महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित प्रचलित बिमारियों के बारे में-

1- हार्ट डिजीज (Heart Disease)


ह्रदय संबंधी बीमारियां महिला और पुरुष दोनों ही में तेजी से फैल रही हैं और मृत्यु का कारण भी बन रही हैं। लेकिन महिलाओं में यह दर पुरुषों के मुकाबले 29 प्रतिशत ज्यादा है। कुछ को सीने में दर्द होने से इसका पता लगाया जा सकता है लेकिन कुछ में केवल हल्का जबड़ो में दर्द, कंधो में खिंचाव, जी मिचलाना, उल्टी या साँसों का छोटा होना जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

रिस्क फैक्टर


  • बढ़ती उम्र
  • स्मोकिंग
  • हाई ब्लड केलोस्ट्रोल
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • शारीरिक गतिविधि कम होना
  • ओबेसिटी या ओवर वेट होना
  • डायबिटीज़ होना

2- ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer)
यह महिलाओं में होने वाला कॉमन कैंसर है। यह फंफडों के कैंसर के बाद दूसरा बड़ा कैंसर है जो महिलाओं की मृत्यु का कारण बनता है।

ब्रेस्ट कैंसर के कारण (Causes of Breast Cancer)

  • बढ़ती उम्र
  • जीन्स, 5 से 10 परसेंट ब्रैस्ट कैंसर कुछ जीन्स में म्युटेशन के कारण होता है।
  • परिवार में कोई बीमारी लगातार चली आ रही ही
  • कम उम्र में एबनॉर्मल ब्रेस्ट बॉयोप्सी
  • 12 साल की उम्र से पहले माहवारी शुरू होना या 55 की उम्र तक बंद न होना
  • बच्चे पैदा न करना
  • डीएथीलसिल्बेस्ट्रोल जैसी दवाओँ का इस्तेमाल
  • अत्यधिक शराब
  • मोटापा

3- ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)

करीब30 साल की उम्र तक हड्डियां पूरी तरह विकसित हो जाती हैं, इसके बाद नयी हड्डियों का विकास नहीं होता और पुरानी हड्डियों पर ही शरीर का फोकस बन जाता है। बोन्स को स्ट्रांग बनाना और फ्रैक्चर से दूर रखना हमारे खान-पान पर भी निर्भर करता है। श्वेत और एशियाई महिलाओं में यह समस्या ज्यादा होती है।

ऑस्टियोपोरोसिस के कारण (Causes of Osteoporosis)

  • छोटा और पतला हड्डियों का फ्रेम
  • फॅमिली हिस्ट्री
  • इंफ़्रेक़ुएन्ट माहवारी चक्र और मीनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का कम होना
  • डाइट में कैल्शियम और विटामिन डी के कारण
  • सुस्त जीवनशैली
  • स्मोकिंग और ड्रिंकिंग

4- डिप्रेशन (Depression)

पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में तनाव की समस्या पायी जाती है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेन्टल हेल्थ रिपोट्र्स के अनुसार लगभग 12 मिलियन महिलाएं डिप्रेशन का शिकार हैं जबकि इस मामले में पुरुषों की संख्या आधी लगभग 6 मिलियन है। महिलायें स्वाभाविक रूप से इमोशनल होती हैं उन्हें अपना दु:ख बांटने के लिए हमेशा किसी की जरूरत होती है।

डिप्रेशन के कारण (Causes of Osteoporosis)

  • डिप्रेशन की फॅमिली हिस्ट्री
  • सीरियस क्रोनिक इलनेस
  • अवसाद से भरी कोई घटना
  • खान-पान में अनियमितता
  • हार्ट प्रॉब्लम की हिस्ट्री
  • हाई ब्लड प्रेशर के लिए दवाओं का इस्तेमाल

5- ऑटोइम्यून डिजीज (Auto Immune Disease)

ऑटोइम्यून डिजीज, ऐसी बीमारियों का ग्रुप है जिसमे इम्यून सिस्टम बॉडी पर अटैक करता है और टिश्यू को खत्म कर देता है। इस केटेगरी में 80 से ज्यादा दीर्घकालिक बीमारियां हैं।

6-   प्रीमेंसुरल सिंड्रोम (Premenstrual syndrome or PMS)

यह पीएमएस का बड़ा रूप है। पेट में ब्लोटिंग, स्तनों में सूजन या कड़ापन होना, कब्ज, जोड़ों या मसल में दर्द होना, मुहांसो के साथ भावनात्मक (जैसे मिजाज बदलना)  बदलाव आदि कुछ लक्षण हैं जो माहवारी से कुछ दिन पहले महिलाओं में उभरते हैं। इसे प्रीमेंसुरल सिंड्रोम कहते हैं। कुछ महिलाओं में यह अधिक प्रभावी लक्षण देखने को मिलते हैं।

7- वेजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन (Vaginal Yeast Infection)

यदि आपको वेजाइना या आस-पास खुजली और रेडनेस है और वेजाइना से तेज बदबू के साथ एबनॉर्मल डिस्चार्ज हो रहा है और यूरिन करने में तेज जलन हो रही हो तो आपको वेजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन है। यह इन्फेक्शन कई तरह का होता है जिसका पता चिकित्सक हो रहे डिस्चार्ज का रंग देखकर लगाते हैं।

वेजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन के कारण (Causes of Vaginal Yeast Infection)

  • एक्सट्रीम इलनेस
  • क्रीम
  • टाइट कपडे़
  • सेक्सुअल एक्टिविटी
  • साफ़ सफाई का अभाव
  • पीरियड के दौरान सफाई का अभाव

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