प्रेग्नेंसी में चॉकलेट खानी चाहिए या नहीं? ये दुविधा इस लेख से करें दूर
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प्रेग्नेंसी में चॉकलेट खानी चाहिए या नहीं? ये दुविधा इस लेख से करें दूर

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प्रेग्नेंसी में क्रेविंग बहुत ही अजीब होती है। चीज का टुकड़ा, पानी पूरी से चॉकलेट, प्रेग्नेंसी में इस तरह की चीजों की क्रेविंग कभी भी आधी रात में होने लगती है। और चूंकि खाने वाले आप और आपका बच्चा है, तो क्रेविंग्स के लिए आपको कोई भी नहीं रोक सकता। कुछ महिलाओं को सबसे ज्यादा तलब चॉकलेट की लगती है। अगर आप भी उन महिलाओं में से एक हैं तो आपके एक लिए एक अच्छी खबर है। एक नई स्टडी के अनुसार चॉकलेट की तलब लगना आपके और आपके बच्चे को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।

गर्भावस्था के दौरान चॉकलेट खाना -

एक स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान चॉकलेट खाना, प्रीक्लेम्पसिया के जोखिम को करता है प्लेसेंटा के कार्यों में सुधार करता है, जिसकी मदद से माँ और बच्चे स्वस्थ रहते हैं। यही नहीं, कुछ और फायदे भी हैं जिन्हें जानने के बाद आपको प्रेग्नेंसी के दौरान चॉकलेट में खाने में किसी भी तरह की समस्या नजर नहीं आएगी।

खुशहाल बच्चा -

फिनलैंड में एक स्टडी के दौरान, जो महिलायें प्रेग्नेंसी के दौरान चॉकलेट खाती हैं उनके बच्चे के खुश रहने की जानकारी मिलती है।

तनाव को कम करने में मदद करती है -

इन नौ महीनों में आपके हॉर्मोन असंतुलित हो जाते हैं, ऐसे में तनावपूर्ण स्थिति रहना लाजमी है। एक रिसर्च के अनुसार चॉकलेट आपके स्ट्रेस को कम करने में मदद करती है। स्टडी का कहना है कि डार्क चॉकलेट खाने से स्ट्रेस का स्तर कम होता है।

मिसकैरिज की संभावनाओं को भी कम करती है -

मिसकैरिज को रोकने के ऐसी कोई रेमेडी नहीं है जिसका पालन आप कर सकें। लेकिन ऐसा पाया गया है कि गर्भवती महिलायें जो रोजाना चॉकलेट खाती हैं उनमें पहली तिमाही में मिसकैरिज होने की संभावना 20 परसेंट कम हो जाती है।

वजन को बनाये रखने में करती है मदद -

चॉकलेट के कुछ पीसेस वजन को कम करने में मदद करते हैं। डार्क चॉकलेट एक स्वस्थ वजन बनाये रखने में मदद करती है साथ ही कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम रखती है।

प्रीक्लेम्सिया की संभावना को कम करता है -

एक स्टडी ने रिपोर्ट किया है कि रोजाना चॉकलेट का सेवन प्रीक्लेम्सिया के जोखिम को कम करता है, जिसके कारण समय से पहले शिशु का जन्म, रक्त का थक्का जमना आदि जैसी समस्याएं हो सकती हैं। रोजाना चॉकलेट का सेवन प्रीक्लेम्सिया के जोखिम 50 प्रतिशत कम कर देता है।

भ्रूण का बेहतर विकास -

गर्भावस्था के दौरान जो महिलायें रोजाना चॉकलेट खाती हैं उनमें प्लासेंटा और भ्रूण विकास बेहतर होता है, ऐसा कई स्टडी में पाया गया है।