गर्भावस्‍था में 0-3 महीनों के दौरान व्यायाम - Exercise during 0-3 months of pregnancy in Hindi
गर्भावस्था

गर्भावस्‍था में 0-3 महीनों के दौरान व्यायाम - Exercise during 0-3 months of pregnancy in Hindi

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गर्भावस्था में व्यायाम करना अच्छा है साथ ही सुरक्षित भी है। व्यायाम से गर्भावस्था में होने वाली कॉम्प्लीकेशन से बचा जा सकता है जैसे कि प्री- एक्लेम्पसिया। इतना ही नही गर्भावस्था में व्यायाम करने से नार्मल डिलिवरी होने के चांस बढ़ जाते हैं और इससे प्रसव पीढ़ा सहने की भी शक्ति मिलती है। शुरुवात में गर्भवती महिला को हफ्ते में दो या तीन दिन, 15 मिनट तक के लिए व्यायाम करना चाहिए। इसके बाद धीरे धीरे अपनी क्षमता के अनुसार समय और अवधि बढ़ाई जा सकती है।
शुरू के तीन महीने में लो इम्पैक्ट एरोबिक्स, योगा,  वेट ट्रेनिंग, स्ट्रेचिंग आदि आसानी से की जा सकती हैं।

गर्भावस्था में व्यायाम: पहले तीन (0-3) महीनों के दौरान - Exercise in Pregnancy: First Trimester in Hindi

1- लो इम्पैक्ट एरोबिक्स - Low Impact Aerobics

इसे करने से सांस लेने की गति बढ़ती है साथ ही हृदय गति भी सुचारू होती है। इसे हफ्ते में कितनी बार भी 20 से 30 मिनट तक किया जा सकता है।

लाभ - Benefits

  • शरीर में ऑक्सीजन की खपत सुधरती है
  • भ्रूण को पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त होती है।
  • हीमोर्रोइड्स और फ्लूइड रीटेंसन जैसी समस्याएं नहीं होती साथ ही मांसपेशियां मजबूत टोन होती हैं।
  • अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है।
  • नींद अच्छी आती है।
  • प्रिटर्म बर्थ का रिस्क नहीं रहता

2- टहलना - Walking

मौसम के प्रति संवेदनशील रहें। बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ज्यादा ठन्डे मौसम में टहलने बाहर ना जाएं। रोज लगभग 30 मिनट टहला जा सकता है।

लाभ - Benefits

  • टहलने से एनर्जी बढ़ती है।
  • मांसपेशियां सुचारू रूप से काम करती हैं।
  • अतरिक्त फैट नहीं जमता जिससे डिलिवरी के बाद वापस जल्दी शेप में आया जा सकता है।
  • पेट में भारिपन और गैस की परेशानी से आराम मिलता है।

3- तैरना - Swimming

तैरने से कार्डियो वैस्कुलर वर्कआउट (Cardio-Vascular Workout) का लाभ मिलता है। इससे मांशपेशिया टोन होती हैं साथ ही लचीली बनती हैं। जो नार्मल डिलीवरी में सहायक है। तैराकी हफ्ते में 2 या 3 तीन दिन 20 मिनट तक की जा सकती है।

4- एक ही जगह खड़े होकर साइकिल चलाना - Indoor Cycling

यह शुरू करने के लिए सबसे बढ़िया व्यायाम है। एक ही जगह खाड़ी करके साइकिल चलायें इससे गिर कर चोट लगने का डर भी नही रहेगा और व्यायाम के फायदे भी मिलेंगे। इसे भी शरीर की क्षमता के हिसाब से रोज किया जा सकता है।

5- योगा - Yoga

शारीरिक और मानसिक दोनों फायदे के लिए योगा किया जा सकता है। इससे सांस को बेहतर बनाने में लाभदायक है साथ ही तनाव भी कम होता है। योगा करने से गर्भवती महिला ज्यादा एनर्जेटिक और संतुष्ट महसूस करती है।

लाभ - Benefits

  • कुण्डलिनी योगा- इससे फोकस बढ़ता है, सांस की गति सुधरती है
  • आयेंगर योगा- बेहतर पोस्चर और बैलेंस के लिए कर सकते हैं
  • पॉवर योगा- शरीर और दिमाग को ऊर्जा, मजबूती देने और मांसपेशियों को ताकत देने के लिए करें

6- पिलेट्स - Pilates

इससे मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। पोस्चर बेहतर होता है। कमर दर्द में राहत मिलती है। साथ ही डिलीवरी के बाद तेजी से वजन कम करने में भी सहायक है।

7- स्ट्रेचिंग - Stretching

सामान्य स्ट्रेचिंग गर्भावस्था में सुरक्षित मानी जाती है। इससे इंजरी का रिस्क कम हो जाता है। इसे एक दिन में कई बार किया जा सकता है।

यह बिलकुल ना करें: पहले तीन (0-3) महीनों के दौरान - Exercise to Avoid in Pregnancy: First Trimester

  • घुड़सवारी
  • पहाड़ की चढ़ाई
  • कांटेक्ट स्पोट्र्स (सॉकर, बास्केट बॉल, हॉकी आदि)
  • हाई इम्पैक्ट एरोबिक्स
  • कठोर और भारी व्यायाम या एक्टिविटी

चेतावनी के लक्षण - Exercise in Pregnancy: Warning Symptoms in First Trimester

  • व्यायाम के बाद एकदम सुस्ती लगे।
  • बेहोशी छाये
  • धुंधला दिखाई दे
  • वेजाइना से खून आये
  • कमर, पेट या पेलविक में दर्द हो
  • सांस छोटी आये

(व्यायाम के बाद इनमे से कोई भी लक्षण नज़र आये और 15 मिनट में आप नार्मल ना हो पाएं तो तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें। सामान्यत: भी व्यायाम शुरू करने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।)