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टाइफाइड में प्रभावी घरेलू उपचार (Home Remedies For Typhoid)

टाइफाइड का बुखार पाचन तंत्र और बल्डस्ट्रीम (blood stream) में बैक्टीरिया के इंफेक्शन के कारण होता है। सलोमोनेला टाइफी (salomonela typhi) नाम का यह बैक्टीरिया (bacteria) पानी, किसी पेय या खाने के साथ हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करता है और पाचन तंत्र में जाकर यह बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। यह बैक्टीरिया शरीर के भीतर एक जगह से दूसरी जगह जैसे, लिवर, स्पलीन, गॉलब्लेडर आदि जगहों पर घूमते रहते हैं।

टाइफाइड का बुखार अधिकांशत दूषित पानी (polluted water) पीने से होता है। टाइफाइड के लक्षणों में सिर में दर्द (headache), पेट में दर्द (pain in stomach) और बुखार का होना है लेकिन टाइफाइड के बिगड़ने पर उल्टी (Vomiting), डायरिया (diarrhea), मल में खून आना (blood in stool), लिवर का बढ़ना (enlargement of liver) आदि भी हो सकते हैं। टाइफाइड में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए तथा इसका कोर्स पूरा किया जाना भी जरूरी है क्योंकि इसके दोबारा होने के चांसेस भी रहते है। टाइफाइड से निजात के लिए यहां हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगे जिन्हें अपनाकर आप टाइफाइड से राहत पा सकते हैं।


1. ठंडा पानी (Cold water)
किसी कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर शरीर को पोंछे। इसके अलावा ठंडे पानी की पट्टियां सिर पर रखने से भी लाभ होता हे और शरीर का तापमान कम होता है। कपड़े को समय समय पर बदलते रहना चाहिए। सामान्य बुखार के लिए यह बेहद अच्छी प्रक्रिया है जो तापमान को बढ़ने नहीं देती।
नोट- इसके लिए बर्फ या बर्फ के पानी की इस्तेमाल न करके, ताजे पानी का इस्तेमाल करें।

2. सेब का सिरका (Apple cider vinegar)
सेब का सिरका भी बुखार के लिए बेहद सस्ती और प्रभावी दवा है। इससे बुखार को तेजी से दूर होता है क्योंकि इसमें मौजूद एसिड गर्माहट को शरीर की त्वचा से बाहर कर देता है। साथ ही इसमें मौजूद मिनरल शरीर को बुखार से दूर भी रखते हैं।


कैसे करें उपयोग
किसी कपड़े को एक भाग सिरका और दो भाग पानी लेकर उसमें भिगोएं। अतिरिक्त पानी को निचोड़ दें और इस पट्टी को माथे और पेट पर रखें। एक पट्टी पैर के तलवों पर भी रखी जा सकती है। जैसे ही कपड़ा गरम हो जाए, दोबारा घोल में डुबाएं और प्रक्रिया को दोहराएं।

4. लहसुन (Garlic)
लहसुन की गर्म तासीर भी शरीर में पसीना लाकर, शरीर का तापमान कम कर सकती है। यह शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकालने में सहायक है। इतना ही नहीं लहसुन एंटीफंगल (antifungal) और एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) गुणों से भरा है जो शरीर को इम्यूनिटी (Immunity) देता है।

कैसे करें उपयोग
लहसुन की एक कली को पीसकर गरम पानी में मिलाएं। 10 मिनट ढक कर रखें। पानी को छान लें और घूंट घूंट करके धीरे धीरे पीएं। एक दिन में इस पेय को दो बार पीएं। अगले ही दिन आप बुखार से राहत महसूस करेंगे।
दो चम्मच ऑलिव ऑयल (olive oil) में दो कली लहसुन की डालकर भूनें। इस तेल को ठंडा करके पैर के तलवों (sole of feet) में लगाएं।

5. तुलसी (Basil)
तुलसी भी टाइफाइड के बुखार के लिए उत्तम औषधि है। इसके एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) और एंटीबायोटिक (Antibiotic) गुण बैक्टीरिया को खत्म करते है, जिससे बुखार जल्दी भी ठीक होता है।

कैसे करें उपयोग
पुदीने की बीस पत्तियों में एक छोटी चम्मच अदरक (Ginger) को कद्दूकस करके एक कप पानी में उबाल लें। इस पानी को गुनगुना रहने तक इंतजार करें। इसके बाद इसे छानकर इसमें शहद मिलाकर पीएं। इस पेय को दिन दो से तीन बार ले सकते हैं।

6. लौंग (Laung or clove)
लौंग में टाइफाइड को ठीक करने के गुण होते हैं। लौंग के तेल में एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) गुण होते हैं जो कि बैक्टीरिया को मार देते हैं।

कैसे करें उपयोग
आठ कप पानी में 5 से 7 लौंग डालकर उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए इसे छान लें। इस पानी को पूरा दिन पीएं। इस उपचार को एक हफ्ते लगातार करें।

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