अल्ट्रासाउंड के कुछ अतिरिक्त प्रभाव - Ultrasound Precaution Information in Hindi
रोग का टेस्ट

अल्ट्रासाउंड के कुछ अतिरिक्त प्रभाव - Ultrasound Precaution Information in Hindi

Health Raftaar

अल्ट्रासाउंड एक ऐसी जांच है जिसमें आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों को देखने के लिए ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि आपको ध्वनि सुनाई नहीं देगी लेकिन स्क्रीन पर तस्वीर दिखाई देगी। अल्ट्रासाउंड एक्सरे नहीं है और इससे किसी तरह का दर्द भी नहीं होता।

जांच के दौरान - During the Ultrasound

अल्ट्रासाउंड प्रकिया के दौरान अधिकतर एक ही कार्यप्रणाली अपनाई जाती है जो निम्न है:

  • अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज को एक गाउन दिया जाता है और टेबल पर लेटने को कहा जाता है।
  • त्वचा पर जेल लगाई जाती है, यह एक तरह की क्रीम होती है। तस्वीर लेने के लिए एक वांड जेल पर घुमाई जाती है।
  • कुछ तस्वीरें लेते वक्त मरीज को सांस रोककर रखनी होती है।
  • मरीज के घर जाने से पहले स्टाफ इन तस्वीरों की जांच करता है और यदि आवश्यकता समझी जाए तो और तस्वीरें ली जा सकती हैं।
  • जांच से 6-8 घंटे पहले न तो मरीज को खाने-पीने की मनाही की जाती है।

कई बार शरीर के किसी विशेष हिस्से के लिए की जांच के लिए अतिरिक्त निर्देश दिए जाते हैं जो निम्न हैं:

वक्षस्थल - Breast

यदि डॉक्टर को मरीज के वक्षस्थल में गांठ का अंदेशा होता है तो मरीज से उस जगह के बारें में बताने के लिए कहा जाता है। जांच से यह पता चल सकता है कि गांठ ठोस है या इसमें द्रव भरा हुआ है जिसे सिस्ट कहा जाता है।

अंडकोष - Testicles​

कुछ तस्वीरों के लिए मरीज को खड़ा रहने का आदेश दिया जाता है। मरीज को इस प्रकार जोर लगाने के लिए कहा जाता है जैसे मलत्याग के समय करते हैं।

श्रोणि - Pelvis

इस जांच के लिए मरीज को 1 लीटर पानी पीना चाहिए ताकि ब्लैडर पूरा भर जाये। जांच से एक घण्टा पहले पानी पी लेना चाहिए। जांच के दौरान तस्वीरें ली जाएंगी। इसके बाद मरीज को ब्लैडर खाली करने के लिए शौचालय जाने को कहा जाएगा। कुछ और तस्वीरें ली जाती हैं।

जांच के बाद - After the Ultrasound

उल्ट्रासाउंड एक सामान्य प्रकिया है। जिसके बाद मरीज दैनिक गतिविधियां करना शुरू कर सकता है। जांच के परिणाम डॉक्टर के पास भेज दिये जाते हैं। डॉक्टर मरीज के साथ इन परिणामों को साझा करता है।

यदि आपके कोई मन में अल्ट्रासाउंड को लेकर कोई प्रश्न अथवा चिन्ताएं हों तो अपने डॉक्टर अथवा नर्स से बात करें।