मल जांच के लिए ओवा व पैरासाइट - Stool Test For Ova And Parasite in Hindi
रोग का टेस्ट

मल जांच के लिए ओवा व पैरासाइट - Stool Test For Ova And Parasite in Hindi

Health Raftaar

इस जांच में प्रयोगशाला में मल के नमूने की जांच द्वारा पाचन-प्रणाली में परजीवियों और उनके ओवा या अंडों की खोज की जाती है। परजीवी अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं या उनके अंदर रहते हैं। इलाज पाए जाने वाले परजीवी के प्रकार पर आधारित होगा। शरीर में परजीवी मुंह या त्वचा द्वारा प्रवेश करते हैं। अधिकांश लोग परजीवीयुक्त पानी पीने या भोजन खाने से संक्रमित होते हैं। अधिकांश परजीवी इतने छोटे होते हैं कि ये दिखाई नहीं देते और पानी या भोजन में उनका स्वाद नहीं लिया जा सकता या उन्हें सूंघा नहीं जा सकता। परजीवी त्वचा के ज़रिये या संक्रमित कीड़ों के काटने से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

सबसे सामान्य लक्षण हैं - Symptoms of Waterborne Illness

  • दस्त
  • खून वाली दस्त
  • मल में बलगम
  • पेट में दर्द या अकड़न
  • गैस
  • उबकाई
  • सिर में दर्द
  • बुखार

उपरोक्त लक्षणों के दिखाई देने पर यथाशीघ्र अपने डॉक्टर से मिलें। वह परजीवियों को जांचने के लिए आपके ओ और पी जांच की सिफारिश कर सकता/सकती है।

ओ एवं पी जांच - How to do O and P Test in Hindi

ओ एवं पी जांच बेहद आसान प्रकिया द्वारा होता है। यह प्रकिया इस तरह काम करती है:

  • आपको मल का नमूना एकत्र करने की ज़रूरत होगी। हर नमूना एक या अधिक दिनों के पेट साफ होने की अलग क्रियाओं से एकत्रित करें।
  • मल एकत्रित करने के लिए आपको अपने टॉयलेट में प्रयोग के लिए एक प्लास्टिक ट्रे दी जा सकती है। यदि आपको ट्रे नहीं मिलती, तो टॉयलेट बाउल को सरन जैसे प्लास्टिक रैप से ढक दें। प्लास्टिक रैप खोलकर टॉयलेट बाउल पर फैला लें और इसे टॉयलेट सीट की जगह इस तरह पकड़कर रखें कि आपका मल टॉयलेट के पानी में न गिरे।
  • मल नमूने के साथ मूत्र्, पानी या टॉयलेट पेपर न मिलने दें।
  • मल नमूने का एक भाग साफ पात्र में रखें। अपने हाथ धो लें।
  • अपना नमूना तरल पदार्थयुक्त एक विशेष पात्र में रखें। तरल पदार्थ को बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें और इसे सावधानी से संभालें। यह तरल पदार्थ ज़हर है।
  • डॉक्टर के क्लिनिक या प्रयोगशाला ले जाने से पहले अपना नमूना पात्र में रेफ्रिजरेटर में रखें।
  • नमूना डॉक्टर के क्लिनिक ले जाएं।

परजीवियों की रोकथाम कैसे करें - How to Care from Parasitic Diseases in Hindi

  • ऐसे भोजन और पानी से बचें जिनमें परजीवी हो सकते हों।
  • अपने हाथों को प्रायः धोएं। उन्हें खाना खाने से पहले और खाना खाना के बाद तथा शौच जाने के बाद धोएं। यह आपको परजीवियों से सुरक्षित रखने और दूसरे व्‍यक्तियों तक इसके फैलाव को रोकने में मदद करेगा।
  • ​यदि आपके मन में कोई प्रश्न या चिंताएं हैं, तो अपने डॉक्टर या नर्स से बात करें।