महिलाओं के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट - कब और क्यों? - Screening Test For Women in Hindi
रोग का टेस्ट

महिलाओं के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट - कब और क्यों? - Screening Test For Women in Hindi

Health Raftaar

आज के व्यस्त जीवन में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सक्रिय रहना चाहिए। उन्हें स्वयं ही अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और समय समय पर अपना हेल्थ चेक अप करवाना चाहिए।

सामान्य स्वास्थ्य जांच - Regular Health Checkup

महिलाओं को हर एक या दो वर्ष में अपने शरीर का चेक अप करवाना चाहिए। इससे भविष्य में होने वाली किसी भी बीमारी का समय पर पता चल जाता है। इसके अलावा तीन या चार साल में एक बार थायराइड टेस्ट (टीएसएच, टी 3, टी -4) जरूर कराएं। ऐसा करने से समय रहते थायराइड ग्रंथि को बढ़ने से रोका जा सकता है।

हड्डियों की जांच - Checkup of Bones

उम्र के साथ-साथ हड्डियों का कमजोर होना सामान्य बात है लेकिन अगर ये ज्यादा कमजोर हो जाएं तो इनका चेकअप करवाना जरूरी है। महिलाओं को अपने बीएमडी यानि बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट की जांच 55 वर्ष की आयु के शुरूआत में तथा इसके बाद आवश्यकता अनुसार करवानी चाहिए।

ब्रेस्ट कैंसर चेकअप - Breast Cancer Checkup

महिलाओं को 50 वर्ष की आयु के बाद एक या दो सालों में मैमोग्राम टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। इससे संभावित स्तन कैंसर के लक्षणों का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लग जाता है।

20 से 30 वर्ष की आयु से लेकर 40 वर्ष तक की महिलाओं को साल में 2 से 3 तीन बार क्लीनिकल ब्रेस्ट चेक-अप जरूर करवाना चाहिए। इस टेस्ट द्वारा भी कैंसर का शुरूआत में पता लगाया जा सकता है।

डायबिटीज चेकअप - Diabetes Checkup

डायबिटीज यानि मधुमेह से बचने के लिए 30 वर्ष की आयु के बाद साल में एक बार बिना कुछ खाए पिए ब्लड ग्लूकोस टेस्ट करवाना चाहिए। इससे ब्लड में शुगर की सही मात्रा का पता चलता है और डायबिटीज के खतरे से बचा जा सकता है।

ह्रदय की जांच - Heart Checkup

महिलाओं को 30 वर्ष की आयु के बाद एक बार ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग टेस्ट जरूर करवाना चाहिए, इससे दिल स्वस्थ रहता है। इस टेस्ट से उच्च रक्तचाप की पहचान हो जाती है तथा दिल से संबंधित रोगों का पता चलता है। इसके अलावा 35 वर्ष की आयु के बाद 5 साल में एक बार कोलेस्ट्रॉल स्क्रीनिंग टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

रिप्रोडक्टिव/सेक्सुअल हेल्थ - Reproductive/Sexual Health

रिप्रोडक्टिव/सेक्सुअल हेल्थ को बनाए रखने के लिए 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को दो या तीन साल में एक बार पाप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए। जबकि टेस्ट 21 से 30 वर्ष की महिलाओं को हर तीन वर्ष में यह टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। इससे महिलाओं में समय रहते सर्वाइकल कैंसर का पता चल जाता है।

स्क्रीनिंग टेस्ट सुविधा - Screening Test Centers

महिलाओं के लिए टेस्ट स्क्रीनिंग जांच सुविधा कई कंपनियों द्वारा उपलब्ध करवायी जाती है। इंडस हेल्थ प्लस (Indus Health Plus) भी उचित कीमत पर स्क्रीनिंग टेस्ट की सुविधा प्रदान करती है। यह अपनी सेवाओं द्वारा आपको स्वस्थ रखने में एक बड़ी भूमिका निभाती है।