स्ट्रोक - Stroke (Brain stroke) in Hindi
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स्ट्रोक - Stroke (Brain stroke) in Hindi

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मस्तिष्क का दौरा क्या है - About Stroke (Brain stroke) in Hindi

हमारे शरीर में मस्तिष्क और नाड़ियों को प्राणवायु (Oxygen) और पोषक तत्वों की निरंतर आपूर्ति रक्त वाहिकाओं से रक्त के द्वारा की जाती है। जब भी इन रक्तवाहिकाओं में किसी कारण क्षति पहुँचती है या अवरोध निर्माण होता है तब मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है। जिस तरह ह्रदय को रक्त की आपूर्ति न होने पर हृदयघात आ जाता है, उसी प्रकार मस्तिष्क के कुछ हिस्से को 3 से 4 मिनट से ज्यादा रक्त न मिलने पर प्राणवायु और पोषक तत्वों के अभाव में नष्ट होने लगता है, इसे ही मस्तिष्क का दौरा भी कहते हैं।

मस्तिष्क का दौरा के लक्षण - Stroke (Brain stroke) Symptoms in Hindi

  • अचानक लड़खड़ाना, चक्कर आना, शरीर का संतुलन बिगड़ना
  • एक या दोनों आँखों से देखने में कठिनाई
  • कमजोरी महसूस होना (Weakness in Body)
  • जी मिचलाना और उलटी होना
  • दिशा और निर्देश समझने में परेशानी
  • धीरे या अस्पष्ट बोलना
  • बोलने में तकलीफ होना
  • भ्रम की स्थिति
  • शरीर के एक ही तरफ के चेहरे, हाथ या टांग में सुन्नपन
  • सिरदर्द होना

मस्तिष्क के दौरे के कारण - Causes of Stroke (Brain stroke) in Hindi

मस्तिष्क का दौरा होने के मुख्यत: 2 कारण होते हैं, जो निम्न हैं:

1. अरक्तता मस्तिष्क का दौरा (Ischemic stroke) -

दौरा पड़ने का सबसे आम कारण है। यह दिमाग के किसी रक्तवाहिनी के संकीर्ण होने या अवरोधर निर्माण होने के कारण होता है।

यह भी दो प्रकार का होता है-

थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक (Thrombotic stroke) - इस प्रकार के मस्तिष्क के दौरे में मस्तिष्क की रक्त वाहिनी में खून के जम जाने के कारण या थक्के के कारण अवरोध हो जाता है। जिन रोगियों में खून के अंदर कोलेस्ट्रॉल का प्रमाण ज्यादा होता है, ऐसे रोगियों की रक्तवाहिनी में भीतरी स्तर पर वसा जमा हो जाती है जिसे प्लाक कहते है। इस पर खून का थक्का जमा हो जाने पर धीरे-धीरे पूरी रक्तवाहिनी में अवरोध होने लगता है और मस्तिष्क के उस हिस्से को रक्त न मिलने पर थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक पड़ जाता है।

इंबोलिक स्ट्रोक (Embolic stroke) - इस प्रकार के मस्तिष्क के दौरे में रक्त का थक्का या इंजेक्शन या सलाइन द्वारा गलती से रक्त वाहिनी में प्रवेश किया हुआ हवा का छोटा बुलबुला मस्तिष्क के किसी छोटी रक्तवाहिनी में फसने के कारण रक्तवाहिनी में अवरोध निर्माण हो जाता है और मस्तिष्क के उस हिस्से को रक्त न मिलने पर इंबोलिक स्ट्रोक पड़ जाता है।

2. रक्तस्त्राव मस्तिष्क का दौरा (Hemorrhagic stroke) -

मस्तिष्क की किसी रक्तवाहिनी में रक्तस्त्राव होने के कारण होने वाले इस प्रकार के मस्तिष्क के दौरे बेहद गंभीर होते है। उच्च रक्तचाप, रक्त वाहिनी की जन्मजात विकृति या रक्त वाहिनी में फुलाव के कारण मस्तिष्क में रक्तस्त्राव हो सकता है। 

इसके दो प्रकार हैं-

इंट्रा- क्रानियल हैमरेज (Intra-cranial hemorrhage)- इस प्रकार में मस्तिष्क के किसी रक्तवाहिनी में रक्तस्त्राव होने के कारण मस्तिष्क के उस हिस्से को रक्त की आपूर्ति में कमी आने के कारण ब्रेन सेल्स् को क्षति पहुँचती है। इस प्रकार के मस्तिष्क के दौरे का प्रमुख कारण उच्च रक्तदाब है। लगातार कई समय तक उच्च रक्तचाप के कारन रक्तवाहिनी कमजोर और कड़ी हो जाती है और परिणामत: फट जाती है।

सब- आर्कनोइड हैमरेज (Sub-archnoid hemorrhage) - इस प्रकार में मस्तिष्क और कपाल के बीच के स्तर में किसी रक्तवाहिनी में रक्तस्त्राव होने के कारण सब आर्कनोइड स्पेस में रक्त एकत्रित हो जाता है। इसका प्रमुख कारण रक्त वाहिनी की जन्मजात विकृति या रक्त वाहिनी में फुलाव होता है। इस प्रकार में रोगी को तेज सरदर्द का अनुभव होता है।

ट्रांसेंट इश्चेमिक अटैक (Transient ischemic attack) - एक तीसरे प्रकार का भी मस्तिष्क का अस्थाई दौरा होता है जिसमे स्ट्रोक के लक्षण कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटो तक ही रहते हैं और बाद में ठीक हो जाते हैं। इसे ट्रांसेंट इश्चेमिक अटैक (Transient ischemic attack) या टीआईए (TIA) कहा जाता है। यह इस बात की चेतावनी देता है कि आपको कोई समस्या है और इसका इलाज न कराने पर निकट भविष्य में आपको स्ट्रोक पड़ सकता है।

मस्तिष्क का दौरा का इलाज - Stroke Brain stroke Treatment in Hindi

  • शराब और धूम्रपान बंद करें।
  • फल, सब्जियां इत्यादि आहार लेना चाहिए।
  • तनाव से दूर रहें। नियमित व्यायाम और योग करें।
  • अगर आप मोटापे के शिकार है तो अपना वजन नियंत्रित रखें।
  • अगर बार-बार सिरदर्द की परेशानी होती है तो चिकित्सक से इसकी जाँच कराएं।
  • अगर आप उच्च रक्तचाप (Hypertension), मधुमेह (Diabetes), ह्रदय रोग (Heart disease) से पीड़ित हैं तो नियमित डॉक्टर से जाँच कराते रहें।