घमौरीयां - Heat Rash in Hindi
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घमौरीयां - Heat Rash in Hindi

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घमौरियों को अंग्रेजी में प्रिकली हीट (Prickly Heat) कहते हैं। गर्मियों के मौसम में घमौरियां होना आम बात है। गर्मी के मौसम में शरीर से पसीना अधिक मात्रा में बहता है। यदि समय रहते इस पसीने को साफ़ ना किया जाए तो यह शरीर की त्वचा में ही सूख जाता है जिसके कारण पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाती हैं और शरीर में घमौरी होने लगती हैं।

घमौरियों के बारे में - What is Heat Rash in Hindi

वैज्ञानिक भाषा में घमौरी (Ghamori) को मिलिएरिया रूब्रा कहा जाता है। यह एक प्रकार का चर्मरोग होता है। बरसात के मौसम में भी अधिकतर लोगों को घमौरी की शिकायत होती है। घमौरी व्यक्ति के शरीर पर होने वाली छोटी व लाल फुंसियां और दाने (Heat Rash) हैं जिनमें अक्सर खुजली होती रहती है। कई बार पेट में कब्ज रहने के कारण भी शरीर पर घमौरी उभर सकती हैं।

घमौरी अक्सर छाती, बगल, हाथों और पैरों पर निकलती हैं। यह रोग किसी भी व्यक्ति को लग सकता है। गर्म शहरों में रहने वाले लोग इसका ज्यादा शिकार होते हैं। नवजात शिशुओं में घमौरी (Prickly Heat In Babies) अधिक निकलती है क्योंकि उन्हें पसीना अधिक आता है इसलिए उनमें बहुत सावधानी रखने की जरूरत होती है।

घमौरियां के लक्षण - Heat Rash in Hindi

  • अधिक पसीना आना
  • कपड़ों से चुभन होना
  • थकावट महसूस होना
  • शरीर पर लाल-गुलाबी, छोटे दानों का उभरना
  • शरीर में खुजली होना
  • शरीर में जलन या कांटे सी चुभन महसूस होना

घमौरियां के कारण - Heat Rash Causes in Hindi

  • घमौरी के दौरान शरीर में खुजली, हल्की सूजन और चुभन महसूस होने लगती है। घमौरी के दाने धूप के सीधे संपर्क में आने से बढ़ जाते हैं। आमतौर पर घमौरी कुछ दिनों में अपने आप सही हो जाती है लेकिन कुछ लोगों में यह हफ्तों और महीनों तक के लिए हो सकती है। इसलिए एक हफ्ते तक घमौरी के ठीक ना होने पर डॉक्टर से जरूर परामर्श लेना चाहिए।
  • घमौरी (Prickly Heat) के कारण लोगों में थकावट (Heat Exhaustion) और धूप में चिड़चिड़ाहट की शिकायत भी होती है। घमौरी के कारण लू लगना का खतरा भी पैदा हो सकता है।
  • घमौरियां भी कई प्रकार की होती हैं जैसे मिलिएरिया क्रिस्टलाइन (Miliaria Crystallina), मिलिएरिया रूब्रा (Miliaria Rubra) और मिलिएरिया प्रॉफंडा (Miliaria Profunda)। मिलिएरिया प्रॉफुंडा में सबसे अधिक खतरा रहता है और इसे वाइल्डफायर (Wildfire Rash) भी कहते हैं।

घमौरियां का इलाज - Heat Rash Treatment in Hindi

घमौरियों से बचाव का सबसे बेहतर उपाय होता है गर्मी से बचकर रहना। इसके अलावा घमौरियों (Ghamoriyan) से बचाव के कुछ अहम उपाय निम्न हैं: 

  • सिंथेटिक फैब्रिक से बने वस्त्रों को ना पहनें।
  • सूती और ढीले ढाले कपड़े पहनें।
  • खूब पानी पिएं और नहाएं।
  • बाहर से घर लौटने के कुछ देर बाद स्नान करें।
  • शरीर के हिस्सों को ताज़ा हवा लगने दें।
  • मसालेदार भोजन से बचें। सादा भोजन ही खाएं।
  • बारिश के पानी से स्नान करने से शरीर पर निकली फुंसियां और दानें दूर होते हैं।
  • रोजाना सुबह नीम की चार-पांच पत्तियां चबाएं।
  • शरीर पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाएं।
  • नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर इस पानी से स्नान करें।
  • नारियल के तेल में कपूर मिलाकर इस तेल से पूरे शरीर की मालिश करें।
  • कैलामाइन लोशन का प्रयोग करें।
  • गीले शरीर पर पाऊडर ना लगाएं। जरूरत से ज्यादा पाऊडर का प्रयोग करने से भी बचें।