शिलाजीत के फायदे और नुकसान - Shilajit or Asphaltum Benefits and Side Effects in Hindi
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शिलाजीत के फायदे और नुकसान - Shilajit or Asphaltum Benefits and Side Effects in Hindi

Health Raftaar

शिलाजीत (Shilajit or Asphaltum) आयुर्वेदिक चिकित्सा में सदियों से शारीरिक और मानसिक ताकत के लिए दवा के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है। आयुर्वेद में इसे ‘ईश्वर का अमृत’ (Nector of God)  का नाम दिया गया है।

शिलाजीत पत्थर की शिलाओं में से निकलता है, इसलिए इसे शिलाजीत कहा जाता है। गर्मी के महीने में सूर्य की तेज किरणों से पवर्त की शिलाओं से लावे की तरह पिघल कर यह बाहर निकल आता है जिसे बाद में इकट्ठा कर लिया जाता है। हिमालय के क्षेत्र में यह सबसे ज्यादा पाए जाते हैं। शिलाजीत का वैज्ञानिक नाम Asphaltum है और इसे अंग्रेजी में Mineral Pitch और Vegetable Asphalt भी कहा जाता है।

शिलाजीत के प्रकार - Types of Shilajit in Hindi

शिलाजीत के चार प्रकार होते हैं- रजत, स्वर्ण, लौह और ताम्र। हर प्रकार की शिलाजीत के गुण व लाभ अलग-अलग हैं।

  • रजत शिलाजीत पित्त तथा कफ के विकारों को खत्म करता है।
  • स्वर्ण शिलाजीत वात और पित्तजनित बीमारियों के लिए असरदार है।
  • लौह तथा ताम्र शिलाजीत कफ से हुए रोगों के इलाज के लिए कारगर दवा है।

आमतौर पर शिलाजीत शारीरिक कमजोरी, यौन दुर्बलता, मोटापा, डायबिटीज, सांस से संबधित रोग, मिर्गी, बवासीर और सजून के इलाज के लिए दवा के रुप में इस्तेमाल किया जाता है।

शिलाजीत को इंडियन वियाग्रा (Indian Viagra) भी कहा जाता है। इसके सेवन से शारीरिक कमजोरी तो दूर होती ही है, यौन शक्ति बढ़ाने में यह सबसे असरदार दवा है।

शिलाजीत में मौजूद पोषक तत्व - Composition of Shilajit

इसमें काफी मात्रा में Fulvic Acid पाया जाता है। इस एसिड के कारण ही इसमें सारे पोषक तत्व घुल जाते हैं। इसके अलावा शिलाजीत में कई विटामिन, मिनरल्स और ट्रेस मिनरल्स कुदरती रुप में पाए जाते हैं और इसमें काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट के गुण भी पाए जाते हैं।

अगर केमिकल कंपाउड की बात करें तो इसमें ऐसे कई रासायनिक संघटक है जो हमारी सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद हैं। मसलन- Eldagic Acid, Triterpenes, Sterols, Aromatic Carboxylic Acid, Amino Acid, Polysaccharides, Lipids, Lignins समेत कई अन्य जरुरी केमिकल कंपाउंड। इसे कभी भी कच्चे पत्थर के रुप में नहीं खानी चाहिए। इसे पहले संशोधित किया जाता है और इसके पाउडर और कैप्सूल बनाए जाते हैं।

शिलाजीत के फायदे - Benefits of Shilajit in Hindi

एंटी एजिंग - Shilajit for Anti-Aging

शिलाजीत के सेवन से एजिंग की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। अगर आप समय से पहले बूढ़े या थके-थके नजर आ रहे हैं तो शिलाजीत का सेवन करें। इसमें 85 फीसदी से ज्यादा मिनरल्स पाए जाते हैं जो बिमारियों को दूर भगाते हैं और रोग प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत करते हैं। यह हड्डियों में कैल्शियम बनाकर हड्डियों को मजबूत बनाती है।

यौन शक्तिवर्द्धक - Shilajit for Sex Desire Stimulation

शिलाजीत को इंडियन वियाग्रा कहा जाता है। शीघ्र स्खलन (Early Ejaculation) और ऑर्गेज्म (Orgasm) सुख से वंचित लोगों में यह कामोत्तेजना बढ़ाने का काम करता है।

सदियों से आयुर्वेद में शिलाजीत को यौन शक्ति वर्द्धक दवा के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पुरुषों में वीर्य की संख्या बढ़ाता है और सेक्स हार्मोन को भी नियंत्रित करता है।

तनाव और मानसिक थकावट - Shilajit for Tension and Mental Tiredness

शिलाजीत के सेवन से नर्वस सिस्टम सही से काम करता है। मानसिक थकावट, अवसाद, तनाव और चिंता से लड़ने के लिए शिलाजीत का सेवन करना चाहिए। इससे स्मरण शक्ति भी बढ़ती है, किसी भी काम करने में मन लगता है। दिमागी ताकत के लिए प्रतिदिन एक चम्मच मक्खन के साथ शिलाजीत का सेवन लाभदायक होता है ।

दिल के सेहत का भी रखता ख्याल - Shilajit for Heart Health

शिलाजीत दिल के सेहत के लिए भी अच्छा है। दिल के साथ-साथ यह रक्त चाप को भी नियंत्रित करता है।

पाचनतंत्र के लिए - Shilajit for Digestive System

शिलाजीत शरीर के पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। इसके सेवन से अपच, गैस, कब्ज और पेट के दर्द जैसी बिमारियां खत्म होती हैं।
किडनी और अंत:स्राव ग्रंथि (Shilajit for Kidney and Endocrine Glands)

शिलाजीत के सेवन से किडनी, पैनक्रियाज और थायराइड ग्लैंड भी सही से काम करते हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी अच्छा है।

डायबिटीज - Shilajit for Diabetes

इसके सेवन से डायबिटीज भी कंट्रोल में रहता है। यह रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिंस बाहर निकालने का काम करती है।

और भी हैं कई औषधीय लाभ - Shilajit for Common Health Problems

  • रोग प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत बनाता है
  • सांस संबंधी बिमारियों में
  • कफ को खत्म करने में
  • गठिया और जोड़ों के दर्द में
  • सूजन को कम करने में
  • दिल को सेहतमंद बनाने में
  • पेशाब और किडनी की बीमारी में
  • एनिमिया के इलाज में
  • अल्सर को कम करने में
  • अल्जाइमर
  • पीलिया

शिलाजीत से सावधानी - Precaution from Shilajit in Hindi

  • चिकित्सकों के अनुसार शिलाजीत का सेवन बारह रत्ती से दो रत्ती के बीच ही करना चाहिए। मात्रा का निर्धारण रोगी की शारीरिक स्थिति उसकी आयु और उसकी पाचन शक्ति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
  • शिलाजीत का सेवन दूध और शहद के साथ सुबह सूयोर्दय से पहले कर लेना चाहिए। इसके ठीक प्रकार पाचन के बाद अर्थात तीन-चार घंटे के बाद ही भोजन करना चाहिए।
  • जो मरीज गंभीर गठिया से ग्रस्त हों उन्हें शिलाजजीत सेवन से बचना चाहिए। ऐसे मरीजों को शिलाजीत के सेवन से खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाने का खतरा रहता है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली औरतों को भी इसके सेवन से परहेज करना चाहिए।
  • कभी-कभी शिलाजीत के सेवन से एलर्जी, दिल की धड़कन तेज और उल्टी भी होती है।