चंदन के फायदे और नुकसान - Chandan (Sandalwood) Benefits and Side Effects in Hindi
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चंदन के फायदे और नुकसान - Chandan (Sandalwood) Benefits and Side Effects in Hindi

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चन्दन (Chandan) मध्यम आकार का सदाबहार वृक्ष है जो काफी बड़े समूहों में होता है। इसका वैज्ञानिक नाम Santalum Album Linn है। लाल चन्दन को Pterocarpus Santalinus कहा जाता है।

जब चन्दन वृक्ष लगभग 20 साल पुराना हो जाता है तब लकड़ी प्राप्त होती है और जीवन पर्यन्त प्राप्त होती है। जब वृक्ष 30 से 69 वर्षो का हो जाता है और परिधि 40-60 से.मी. की हो जाती है तब लकड़ी अच्छी प्राप्त होती है। चन्दन का वृक्ष बढ़ने के साथ ही इसके तनों और पेड़ों की लकड़ी में भी सुगंधित तेल की मात्रा बढ़ने लगती है।

चन्दन में एंटीसेप्टिक, एस्ट्रिजेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, इसकी लकड़ी का उपयोग मूर्तिकला, साज सज्जा का सामान बनाने तथा अगरबत्ती, हवन सामग्री तथा सुगंधित तेल बनाने में होता है।

भारत में कर्नाटक के मैसूर में उच्च श्रेणी का चन्दन मिलता है जबकि नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, हवाई और अन्य जगहों पर भी चन्दन के पेड़ उगाये जाते हैं।

चंदन के फायदे - Benefits of Chandan in Hindi

1. दवाई- चन्दन का एसेंशियल आयल विभिन्न दवाइयों को बनाने में इस्तेमाल होता है। 1920 से 1930 के बीच भी हर्बल दवाइयों को बनाने में चन्दन का इस्तेमाल होता था। इसका मुख्य तत्व santalo’(लगभग 75 प्रतिशत) है जो की अरोमाथेरेपी में प्रयोग होता है।

2. बीमारियों में लाभकारी- लाल चन्दन का प्रयोग रक्त को साफ़ करने के लिए, कफ, पाचन संबंधी समस्याओं आदि में इस्तेमाल होता है।

3. ग्लोइंग स्किन- चन्दन को फेस पैक के रूप में इस्तेमाल करने से त्वचा ग्लोइंग और सॉफ्ट होती है। इसके लिए चन्दन को दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं।

4. मुहांसों में राहत- चन्दन में मौजूद एस्ट्रिजेंट से मुहांसों, खुजली और एलर्जी में आराम मिलता है।

5. खुजली में राहत- चन्दन में नींबू मिलाकर लगाने से खुजली की समस्या से निजात मिलती है।

6. पसीने से राहत- अगर पसीना ज्यादा आता है तो सम्बंधित हिस्से पर चन्दन और गुलाबजल मिलकर लगाएं। आराम मिलेगा।

7. सिर दर्द- चन्दन पाउडर को तुलसी के पत्तों के साथ पीसकर माथे पर लेप करने से सिर दर्द में राहत मिलती है।

8. तनाव से राहत- चन्दन के तेल को अरोमाथेरोपी में इस्तेमाल किया जाता है जिससे तनाव दूर होता है।

9. रंग गोरा करने के लिए- जी हां चन्दन से सांवली रंगत को गोरा बनाया जा सकता है। चन्दन की लकड़ी या पाउडर में टमाटर का रस और नींबू मिलकर फेस पैक बनाएं और इस्तेमाल करें। कुछ ही दिनों में त्वचा में निखार आ जायेगा।

10. घमौरी- गर्मियों में अक्सर घमौरी की दिक्कत होती है। चन्दन पाउडर को डिस्टिल्ड वाटर के साथ मिलाकर घमौरियों पर लगाएं।

11. कीड़े के काटने पर- कोई कीड़ा काट ले तो चन्दन के पाउडर में हल्दी मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाएं। सूजन नही आएगी और जलन हुए बिना ठीक भी हो जाएगा।

12. सन्सक्रीन- खीरे का रस, नींबू का रस, दही, शहद, टमाटर का रस और चन्दन पाउडर को मिलाकर चेहरे पर लगाने से सन्सस्क्रीन के लाभ मिलते हैं।

13. एकाग्रता बढ़ाने में- चन्दन का टीका माथे पर लगाने से ध्यान करने में एकाग्रता बढ़ती है साथ ही दिमाग में शीतलता बनी रहती है।

चंदन से सावधानी - Precaution from Chandan in Hindi

1. चन्दन की तासीर ठंडी होने के कारण कुछ लोगों को इसके लगातार प्रयोग से कफ होने की शिकायत हो सकती है। इसके साथ ही कॉमन कोल्ड, ब्रोंकाइटिस, बुखार और सर दर्द जैसी समस्यायें भी हो सकती हैं।

2. लाल चन्दन के प्रयोग से बनाई गई दवाइयों के सेवन से कई बार शरीर में पानी की कमी होने की सम्भावना रहती है।

3. बच्चों पर भी अनावश्यक चन्दन का प्रयोग ना करें क्योंकि बच्चे सर्दी की चपेट में जल्दी आते हैं।