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सामान्य सेक्स समस्याएं (Common Sex Problem In Male And Female)

क्या है पुरूषों और स्त्रियों की कॉमन सेक्स प्रॉब्लम्स (Common Sex Problems)

वयस्क एवं शादीशुदा मर्द अक्सर किसी सेक्स समस्या (Sex Problem) से जूझ रहे होते हैं या किसी वजह से भ्रम में सेक्स को लेकर गलत धारणा की स्थिति में रहते हैं। वयस्क लड़कों की सबसे बड़ी समस्या और भ्रम की स्थिति हस्तमैथुन (Effects Of Masturbation), शीघ्रपतन और स्वप्नदोष को लेकर है। दूसरी ओर शादीशुदा पुरुषों के वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम होना एक गंभीर बीमारी है। शुक्राणु की कमी को अल्पशुक्राणुता (Oligospermia) कहते हैं जिससे संतान पैदा करने की क्षमता तक कम हो सकती है। कई पुरूषों के वीर्य में शुक्राणु ही नहीं होते। इस स्थिति को अशुक्राणुता (Azoospermia) कहा जाता है। इस समस्या के होने पर पुरुष संतान पैदा करने योग्य नहीं होते हैं। उम्र के बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन का स्तर कम हो जाता है और इसके कारण सेक्स इच्छा में कमी भी हो सकती है।

 

महिलाओं में सबसे अधिक शिकायत यौनेच्छा की कमी की होती है। कई महिलाओं में अक्सर यह शिकायत देखी जाती है कि उसे सेक्स करने में बिल्कुल भी रूचि नहीं होती, जो एक गंभीर सेक्स समस्या है। इसके अलावा हार्मोनल बदलाव, गुप्त अंग की ठीक से सफाई न करना आदि भी महिलाओं की मुख्य सेक्स समस्याएँ हैं।

 

पुरूषों की सामान्य सेक्स समस्याएं (Common Sex Problems in Males)

लिंग का आकार (Size of Penis):- आकार से फर्क पड़ता है या नहीं? इस प्रश्न के वैज्ञानिक पहलू भले अलग हैं लेकिन आम मर्दों की मानसिकता में साइज को लेकर काफी भ्रम है। लिंग के आकार में बदलाव के लिए कई कारक जिम्मेवार होते हैं। उत्तेजना, कमरे का तापमान, दिन या रात, सेक्सुअल फ़्रीक्वेंसी जैसी कुछ चीजों पर भी निर्भर करता है आपके लिंग का आकार (Size of Penis)। उत्तेजना के समय अगर आपका लिंग 3 इंच से बड़ा है तो समझिए यह सामान्य है और यह औरत को संतुष्ट करने में सक्षम है। महिलाओं के गुप्त अंग में केवल तीन इंच की गहराई तक ही संवेदन या आनंद महसूस करने वाले संवेदनशील अंग क्लाइटोरिस होते हैं।

 

स्वप्नदोष (Nightfall):- पहले तो मन से यह शंका निकाल दीजिए कि स्वप्नदोष कोई बीमारी है। यह कोई दोष नहीं है, जैसे एक निश्चित आयु के बाद लड़कियों में मासिक धर्म आना जरूरी होता है उस पर लड़कियों का कोई नियंत्रण नहीं होता है, ऐसे ही लड़कों में इरेक्शन होना सामान्य है। नींद में यदि मनुष्य के गुप्त अंग को बिस्तर आदि की रगड़ लग जाए या फिर उसे कामुक स्वप्न आ जाए तो वीर्य स्खलित हो जाता है।

 

हस्तमैथुन (Masturbation):- यह बहुत सामान्य प्रक्रिया है और मानव जीवन के आरम्भ से ही पुरुष इसे करता आ रहा है, न सिर्फ लड़कों में बल्कि लड़कियों में भी। आश्चर्य की बात तो यह है कि जो इसे करते हैं वे भी अक्सर इसे गलत मानते हैं लेकिन इसे छोड़ नहीं पाते हैं। हस्तमैथुन (Masturbation) के बाद काम भावना शून्य हो जाती है इसलिए यह एक सीमा तक करना ही ठीक रहता है।

 

शीघ्रपतन (Early Ejaculation):- सेक्स करने से पहले स्खलित हो जाने को शीघ्रपतन (Early Ejaculation) कहते हैं। अगर सेक्स में काफी दिनों का गैप हो जाए तो मर्दों को अच्छे से हस्तमैथुन कर लेना चाहिए क्योंकि लंबे समय के बाद सेक्स करने से जल्दी स्खलन (Early Ejaculation) की संभावना बढ़ जाती है। सेक्स से पहले फोरप्ले करना इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है।

 

स्त्रियों की कॉमन सेक्स समस्या (Common sex problems in females)

हार्मोनल बदलाव (Harmonal changes):- माहवारी के बाद स्त्रियों में हार्मोनल बदलाव (Harmonal Changes) होने लगते हैं। इस बदलाव से शारीरिक परिवर्तन भी होती है। ये बदलाव उस समय और तेज हो जाती है जब महिलाएं सेक्स करती हैं या फिर सेक्स करने से पहले गर्भधारण से बचने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का नियमित सेवन करती है। महिलाओं में पुरूषों के मुकाबले सेक्स समस्याएं अधिक होती है। कुछ स्थितियों में सेक्स के तत्काल बाद सेक्स समस्याएं होने लगती हैं तो कभी सेक्स के दौरान।

 

ल्यूकोरिया (Leukorrhea):- गुप्त अंग से सफेद, चिपचिपा गाढ़े पानी का निकलना महिलाओं की आम समस्या (Common Sex Problem of Women) है। इसे ल्यूकोरिया कहते हैं। ल्यूकोरिया (Vaginal Discharge) महिलाओं में होने वाली एक आम शिकायत है। ल्यूकोरिया को नजरअंदाज करने से यह गंभीर बीमारी का रूप धारण कर सकती है। सफेद पानी का निकलना कई मामलों में बढ़ सकता है जैसे कि लड़कियों में माहवारी शुरू होने के बाद, माहवारी के पहले, दो मासिक चक्र के बीच के दिनों में, गर्भावस्था में, कॉपर टी या गर्भ-निरोधक लगा होने पर।
जब सफेद पानी अधिक गाढ़ा, मटमैला और लालिमा लिए हुए हो, इसमें चिपचिपापन और बदबू आनी शुरू हो जाए तो यह बीमारी की गंभीरता की ओर इशारा करती है। इसमें रोगी के हाथ पैर, पिंडलियां, घुटनों और पैर की हड्डियों में काफी दर्द होता है।

 

गर्भाशय की बीमारियां (Disease of Uterus):- महिलाओं में मासिकधर्म के समय अधिक रक्त स्त्राव होना, असहनीय तकलीफ से गुजरना, गर्भाशय में भीतर व बाहर की ओर अनियंत्रित कोशिकाओं का बढ़ना व मेनोपॉज के बाद भी रक्त स्त्राव होना आदि ऐसे लक्षण हैं जिनसे गर्भाशय यानि सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) होने की संभावना बढ़ जाती है इसे भी गर्भाशय को ऑपरेशन के द्वारा शरीर से बाहर निकालकर ठीक किया जा सकता है। वहीं फाइब्रायड यानी रसौली या ट्यूमर होना भी गर्भाशय की ही बीमारी है। 30 फीसदी महिलाएं फाइब्रायड नामक बीमारी से ग्रसित होती हैं। अक्सर महिलाओं में ये बीमारी गर्भाशय की दीवार पर पनपती है जिससे बांझपन का खतरा बना रहता है।

 

सेक्स के प्रति निराशा या अनिच्छा (Lack of Sexual Desire):- स्त्रियों में सबसे अधिक शिकायत यौनेच्छा की कमी की होती है। कई महिलाओं की सेक्स करने में बिल्कुल भी रूचि नहीं होती। जो एक गंभीर सेक्स समस्या होती है। कई स्त्रियों में यह स्थिति मेनोपोज के बाद आती है तो कई महिलाओं में मेनोपोज से पहले ही।

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