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Common Health Problems In Pregnancy Third Trimester

गर्भावस्‍था में आम स्वास्थ्य समस्‍यायें: अंतिम तीन (7-9) महीनों के दौरान (Common Health Problems In Pregnancy Third Trimester)

गर्भावस्था की आखिरी तिमाही बच्चे के आने के इन्तजार में कटती है, लेकिन इस दौरान गर्भवती महिला बहुत असहज महसूस करती है। पेट पूरी तरह बढ़ चुका होता है जिससे करवट लेकर लेटना, बैठना आदि में भी परेशानी शुरू हो जाती है। यह समय सबसे ज्यादा ध्यान देने का होता है। कई बार सबकुछ ठीक होते हुए भी कई समस्याएं अचानक से शुरू हो जाती हैं। इस दौरान कुछ समस्याएं दूसरी तिमाही जैसी ही होती हैं।

1. बच्चे का मूवमेंट ना हो रहा हो (No baby movement)
साधारणत: बच्चा 2 घंटे में कम से कम 10 किक मारता है। यदि बच्चे की मूवमेंट इससे कम है तो आपको अपनी डॉक्टर से इस बारे में सलाह लेनी चाहिए। बच्चे की मूवमेंट बच्चे के स्वास्थ्य को दर्शाती है।

2. पानी निकलना (Water discharge during pregnancy)
कई बार गर्भाशय के बड़ा होने या ज्यादा दबाव पड़ने से ब्लैडर पर भी दबाव पड़ता है जिससे यूरिन लीकेज हो सकती है। लेकिन यदि लीकेज लगातार हो रही है और ज्यादा मात्रा में गुनगुना और चिपचिपा पानी निकल रहा हो तो यह चिंता की बात है। ऐसा होने से बच्चे के चारों ओर का पानी ख़त्म होने से बच्चे की मूवमेंट रूक सकती है जो कि खतरनाक हो सकता है।

3. फ्लू (Flu Symptom)
गर्भवती महिला के लिए यह जरूरी है कि फ्लू से बचाव के लिए फ्लू वैक्सीन ले। गर्भवती महिलायें जल्दी बीमार पड़ती हैं और उन्हें सीरियस कंप्लीकेशन भी हो सकते हैं ऐसे में फ्लू से बचाव बेहद जरूरी है।

4. रक्तस्त्राव (Bleeding in Pregnancy)
तीसरी तिमाही में वेजाइनल रक्तस्त्राव गर्भाशय में मेलफोर्मेशन के कारण हो सकता है। इसलिए इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। इस दौरान रक्तस्त्राव कम हो या ज्यादा दोनों ही परिस्थितियों में चिकित्सक के पास जाना चाहिए।

5.  समय से पहले प्रसव पीड़ा (Preterm labour pain)
यदि नौवें महीने से पहले प्रसव जैसी पीड़ा हो यानी की सातवें या आठवें महीने में तो यह समय से पहले प्रसव पीड़ा है। इसके मायने हैं कि या तो आपको समय से पहले ही डिलिवरी होगी या आप जुड़वाँ बच्चों को जन्म देंगी। 

इसके अलावा मेम्ब्रेन में किसी इन्फेक्शन के चलते भी ऐसा हो सकता है। इस दौरान वेजाइना पर दबाव, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, बार बार पेशाब आना, डायरिया, वेजाइना से स्त्राव का बढ़ना और पेट के निचले हिस्से में सख्तपन आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। तुरंत चिकित्सक को अपनी स्थिति से अवगत कराया जाना चाहिए।

6. प्रीइक्लेमपसिया (Preeclampsia)
यह गर्भस्थ महिला की सीरियस परेशानी है। यदि आप उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित हैं और यूरिन में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा है तो आपको तुरंत चिकित्सक से मिलकर समस्या की इलाज कराना चाहिए।

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