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कहीं बूढ़े तो नहीं हो रहे हैं आप? (Symptoms Of Aging)

एजिंग यानी उम्र बढ़ना एक प्रक्रिया है जिससे हम सभी गुजरते हैं। आमतौर पर सफेद होते बाल और चेहरे पर आती झुर्रियों को ही लोग एजिंग के लक्षण मानते हैं। मगर बालों का सफेद होना ही एजिंग नहीं है। एजिंग के और भी कई लक्षण और संकेत हैं जो हम देख नहीं पाते हैं।

एजिंग को लेकर वैज्ञानिकों ने कई कारण बताये हैं। पहला, हमारे जीन तय करते हैं कि हम कब तक जीवित रहेंगे। सारा कुछ पहले से हमारे डीएनए में प्रोग्राम रहता है। दूसरा, हमारे शरीर की कोशिकाएं जब पुनर्जीवित होना छोड़ देती है या डीएनए नष्ट होने लगते हैं तो एजिंग के लक्षण दिखने लगते हैं। आइए जानते हैं एजिंग के उन लक्षण और संकेतों (Symptoms of Aging) के बारे में।

चेहरे की त्वचा में बदलाव (Changes on Face Skin in Aging)

  • ललाट पर लकीरें स्पष्ट दिखने लगती हैं (Forehead lines)
  • गालों पर मोटापा यानि वसा घटने लगती है (Fat Loss in Cheek)
  • चेहरे के बीच वाले हिस्से में गड्ढा हो जाना (Hallowing of Midface)
  • जबड़ों का ढांचा बदलना (Jaw Contours)
  • नाक के दोनो बगल और नीचे फोल्ड बनना (Nasolabial Folds)
  • चेहरे पर लंबी और सीधी रेखाओं में झुर्रियां (Vertical Wrinkles)
  • ठुड्ढियों पर झुर्रियां (Wrinkles on Chin)

और भी हैं न दिखने वाले लक्षण (Symptoms of Aging on Body Parts)

एजिंग की प्रक्रिया में आपके दिल, दांत, हड्डी, मांसपेशियां, पाचन तंत्र और आपकी यौन क्षमता तक कमजोर होती जाती हैं।

हृदय (Heart)

जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ने लगती है आपके दिल की धड़कन यानि हार्ट बीट (Heart Beat) धीमी होने लगती है। दिल को रक्त पहुंचाने वाली नलिका और धमनियों की परत मोटी होने लगती है और रक्त का प्रवाह दिल में धीरे-धीरे होने लगता है। इससे हाइपरटेंशन और कार्डियोवास्कुलर बिमारियां आपको सताने लगती हैं।

हड्डी, जोड़ और मांसपेशियां (Bones, Joints and Muscles)

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का आकार और घनत्व कम होने लगता है। कैल्शियम का बनना कम होने लगता है। नतीजा हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। मांसपेशियों में लचीलापन कम होने लगता है और आप खड़े होने में संतुलन नहीं बना पाते हैं।

पाचन तंत्र (Digestive System)

नित्य क्रिया पर नियंत्रण नहीं कर पाना उम्र बढ़ने के लक्षण हैं। मेनोपाज और बेड सोर यानि बिस्तर गीला हो जाने की शिकायत उम्र बढ़ने के साथ होने लगती है। पाचन तंत्र सही ढ़ंग से काम नहीं कर पाती है।

याददाश्त (Memory)

उम्र बढ़ने के साथ भूलने की बीमारी भी शुरु हो जाती है। यहां तक कि कई लोग अपने परिवार के लोगों के नाम और चेहरे भी भूलने लगते हैं। ऐसा अल्जाइमर बीमारी के कारण होता है जो मस्तिष्क से संबंधित एक बीमारी है।

आंख और कान से कमजोर होना (Lower Functioning of Eye and Ear)

मोतियाबिंद या ग्लूकोमा उम्र बढ़ने के साथ परेशान करने लगती है। नतीजा लोगों के देखने की क्षमता कमजोर होने लगती है। कानों से सुनने की क्षमता भी कम होने लगती है।

दांत (Teeth)

दांतो का टूटना और मसूढ़ों में दर्द के साथ और भी कई परेशानी है जो उम्र बढ़ने के साथ होने लगती है। दांतो का एनामेल झड़ने लगती है और मसूढ़े उखड़ने लगते हैं।

वजन (Weight)

उम्र के साथ ही मांसपेशियों का वजन भी कम होने लगता है और शरीर में जमा हुई वसा अपना जगह लेना शुरु कर देती है। वसा के जलने के साथ ही शरीर में कैलोरी की कमी भी होने लगती है और पुराने वजन को पाने के लिए आपको बहुत सारे कैलोरी की जरुरत होती है जो आपका शरीर इजाजत नहीं देता है।

यौन क्षमता (Sexual Performance)

उम्र बढ़ने के साथ ही यौन शक्ति भी कम होने लगती है। आपके सेक्स की आदतें और जरुरत में कमी और उसके तरीके में बदलाव आने लगते हैं। पुरुषों में स्खलन नहीं हो पाता है और औरतों के जननांग में जो द्रव होती है वह सूखने लगती है।

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