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आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ (Herbal, Ayurvedic Plants)

Herb
जड़ी-बूटी ऐसी वनस्पतियों को कहते हैं जो स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिये उपयोगी हों या सुगंध आदि प्रदान करती हों। जड़ी-बूटी का विशेष महत्व उनके औषधीय गुण के कारण है| इसका इस्तेमाल औषधीय रूप में वर्षों से किया जाता रहा है| लेकिन वर्तमान में इस परंपरा में थोड़ा बदलाव आया है। विकास के नाम पर इस परंपरा को प्रभावित करने की भरपूर कोशिश की गई है। चरक संहिता, सुश्रुत संहिता जैसे ग्रंथों में जड़ी-बूटियों के बारे में विस्तृत रुप से बताया गया है| जड़ी-बूटी भारत की परम्परागत चिकित्सा पद्धति रही है।

अजवाइन (Ajwain)

भारतीय खानपान में अजवाइन का प्रयोग सदियों से होता आया है। आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन पाचन को दुरुस्त रखती है। यह कफ, पेट तथा छाती के दर्द और कृमि रोग में फायदेमंद होती है। साथ ही हिचकी, जी मचलाना, डकार, बदहजमी, मूत्र का रुकना और पथरी आदि बीमारी में भी लाभप्रद होती है। अजवाइन का पौधा आमतौर पर पूरे भा

अदरक (Ginger)

अदरक हर भारतीय रसोई का हिस्सा है। सुबह की चाय से लेकर सब्जियों के मसाले तैयार करने तक, अदरक का प्रयोग किया जाता है। अदरक का वैज्ञानिक नाम जिंगिबर ऑफिसिनल (Zingiber officinale) है। अदरक एक हर्ब है जिसकी जड़ मसाले के रूप में इस्तेमाल की जाती है साथ ही दवा की तरह भी इसका यूज़ होता है। अदरक को 

अल्फला या अल्फाल्फा (Alfalfa)

अल्फला (Alfalfa Herb for Health)
अल्फला को अल्फाल्फा, अल्फा-अल्फा, रिजका व अन्य नामों से भी जाना जाता है। इसकी जड़ें जमीन में बीस से तीस फीट नीचे तक होती हैं, क्योंकि यहां उन्हें वे खनिज लवण प्राप्त होते हैं, जो धरती की सतह नहीं मिल पाते। आयुर्वेद और होम्योपैथी में अल्फला (अल्फाल्फा) का प्रयो

अशोक (Ashoka)

अ-शोक यानि कोई शोक नहीं। संस्कृत में अशोक का अर्थ होता है जो शोक या दुख नहीं दे और यह अर्थ अशोक के पेड़ (Ashoka or Saracaka Indica) के औषधीय गुणों से प्रमाणित हो चुका है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में यह एक पवित्र वृक्ष माना गया। गृह प्रवेश हो या घर में कोई शुभ कार्य अशोक के पत्ते घर में टांगे जाते

अश्वगंधा (Ashwagandha Or Withania Somnifera)

जड़ी-बूटियों या पंसारी की दुकान में आसानी से मिलने वाली अश्वगंधा बड़े काम की चीज है। वैसे यह तो यह एक जंगली पौधा है, मगर इसके औषधीय गुण काफी सारे हैं। आयुर्वेद और यूनानी मेडीसीन में अश्वगंधा को विशेष स्थान प्राप्त है। आमतौर पर अश्वगंधा को यौन शक्ति बढ़ाने की सबसे कारगर दवा के रुप में जाना जाता है। म

आँवला (Amla)

आँवला (Indian Gooseberry) का वैज्ञानिक नाम Phyllanthus Emblica और Emblica officials है। इसका पेड़ छोटे से मध्यम ऊंचाई का होता है जो लंबाई में 8 से 18 मीटर तक होता है। इसके फूल और फल दोनों ही हल्के हरे और पीलापन (Greenish-Yellow) लिए हुए होते हैं। बसंत के मौसम में आँवला पूरी तरह पकता है। इसका स्वाद थो

आर्निका (Arnica)

आर्निका (Arnica Herb for Health in Hindi) आर्निका का जिक्र होते ही हेयर ऑयल (बालों में लगाने वाला तेल) याद आता है। लेकिन, क्‍या आपको पता है कि आर्निका का इस्तेमाल सिर्फ तेल के रूप में ही नहीं बल्कि, एक औ‍षधि के रूप में भी किया जाता है। आयुर्वेद व होम्‍योपैथी में आर्निका को बहुत ही महत्त

इलायची (Elaichi)

इलायची ( Elaichi )का बॉटनिकल नाम इलेक्टेरिया कार्डमोम (Elettaria cardamomum) है। छोटी सी इलायची में बड़े बड़े गुण होते हैं। इलायची का सेवन मुख्य तौर पर मुख शुद्धि या मसाले के रूप में होता है। इलायची दो प्रकार की होती है। एक हरी या छोटी इलायची और दूसरी बड़ी इलायची।  बड़ी इलायची का प्रयोग व्यंजनों क

एलोवेरा (Aloevera)

घृत कुमारी (ghritkumari) या ग्वार पाठा (gwarpatha) का वैज्ञानिक नाम एलोवेरा (Aloevera) है। एलोवेरा तना रहित या बहुत छोटे तनों के साथ तेजी से फैलने वाला पौधा है जो लम्बाई में 60 से 100 सेंटीमीटर तक बढ़ता है। यह 5000 वर्ष पुरानी औषधि है जिसकी 250 उपजातियां हैं। इनमें से कुछ ही औषधीय गुण वाली होती हैं ज

एवोकाडो (Avocado)

भारतीय फल नाशपाती के समान दिखने वाला एवोकाडो (Avocado) मेक्सिकन फ्रूट है। मक्खन फल के नाम से प्रसिद्ध यह फल गुणों की खान है। प्राकृतिक तौर पर एवोकाडो में 20 तरह के विटामिन और मिनरल पाये जाते हैं जिसमे लगभग हर बीमारी का उपचार छिपा है। एवोकाडो को सलाद की तरह, फल की तरह या ब्रेड में बटर की तरह लगाकर भ

करेला (Karela)

करेला (Karela Herb for Health) आयुर्वेदिक दृष्टि से करेला (Bitter Gourd) एक चमत्कारी औषधि है जिसका इस्तेमाल कई रोगों में दवाइयों के तौर पर किया जाता है। करेला स्वाद में कड़वा होता है और कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है।   बड़े करेले का सेवन करने से प्रमेह, पीलिया और आफरा जैसी बीमारियों से छुटक

काली मिर्च (Black Pepper)

काली मिर्च (Black Pepper for Health) काली मिर्च को भारतीय रसोई में मसाले के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। काली मिर्च सिर्फ हमारे भोजन को ही स्वादिष्ट बनाती बल्कि हमारे स्वास्थ्य को भी ठीक रखती है। यह औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण कई बीमारियों से बचाती है तथा विशेषकर पेट से संबंधित सभी परेशानिय

ग्रीन टी (Green Tea)

ग्रीन टी क्या है
आजकल चाय का प्रचलन लगभग हर घर में बढ़ गया है। चाय के प्रचलन के साथ इसकी कई तरह की किस्में भी इजात की जा चुकी हैं। आजकल की सबसे ज्यादा प्रचलित किस्म है ग्रीन टी यानि हरी चाय। ग्रीन टी की लोकप्रियता का मुख्य कारण इसका वजन कम करने वाला गुण है। आज की लाइफस्टाइल की सबसे बड़ी समस्या म

चंदन (Chandan)

चन्दन (Chandan) मध्यम आकार का सदाबहार वृक्ष है जो काफी बड़े समूहों में होता है। इसका वैज्ञानिक नाम Santalum Album Linn है। लाल चन्दन को Pterocarpus Santalinus कहा जाता है। जब चन्दन वृक्ष लगभग 20 साल पुराना हो जाता है तब लकड़ी प्राप्त होती है और जीवन पर्यन्त प्राप्त होती है। जब व

चिया के बीज (Chia Seeds)

चिया के बीज (Chia Seeds for Health) चिया के बीज, तुलसी की प्रजाति के बहुत ही छोटे बीज होते हैं। ये शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में बहुत फायदेमंद होते हैं। चिया के बीजों में कई औषधीय गुण भी होते हैं, जो शरीर में मेटाबॉलिज्‍म प्रणाली को संतुलित, भूख को शांत करने, पानी की मात्रा बनाए रखने, चर्बी या व

चिरायता (Swertia Chirata)

चिरायता (Swertia Chirata for Health)
चिरायता के बारे में आमतौर पर अधिकांश लोग जानते हैं, क्योंकि प्राचीन समय से इसका उपयोग आयुर्वेदिक व घरेलू उपचारों में होता आया है। चिरायता स्वाद में कड़वा होता है। चिरायता मूल रूप से नेपाल, कश्मीर और हिमाचल में पाया जाता है। इसके फूल बरसात और फल सर्दियों के म

जटामांसी (Spikenard)

जटामांसी (Spikenard for Health) जटामांसी को बालछड़, स्पाइक नाड व अन्य नामों से भी जाना जाता है। यह मुख्य रूप से हिमालय में पाई जाती है। इसकी जड़ में बाल जैसे तन्तु होने के कारण इसे जटामांसी कहा जाता है। आयुर्वेद की दृष्टि से जटामांसी कई औषधीय गुणों से भरपूर है, जो इम्यून सिस्टम, दिल, रक्तचाप आदि बीम

जैतून (Olive)

जैतून (Olive) का बोटेनिकल नाम Olea Europaea है। देखा जाये तो इसके नाम में ही इसकी ओरिजिन का मतलब छिपा है ओलिया यूरोपिआ यानि ऑयल ऑफ़ यूरोप या यूरोप का तेल। अंडाकार आकार के जैतून बहुत धीरे बढ़ते हैं लेकिन सदाबहार होते हैं।  जैतून में मिनरल्स अच्छी मात्रा में होते हैं जिनमें कैल्शियम, कॉपर, आयरन, म

तुलसी (Tulsi)

तुलसी (Tulsi) एक प्रकार की जड़ी बूटी है जो विश्व भर में सदियों से अपने औषधीय मूल्यों के कारण जानी जाती है। तुलसी का महत्व भारत में धार्मिक परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है, हिन्दू धर्म को मानने वाले लगभग सभी घरों के बाहर तुलसी का पौधा लगा हुआ होता है। भारत में इसे होली बेसिल (holy basil) यानि पवित्र

त्रिफला (Triphala)

त्रिफला (Triphala Herb for Health)
त्रिफला एक आयुर्वेद औषधि है, जिसे रसायन या कायाकल्‍प के नाम से भी जाना जाता है। त्रिफला तीन जड़ी- बूटियों हरड, बहेडा व आंवला का मिश्रण है, जो किसी भी रोग से लड़ने वाली दवा बनाने में इस्तेमाल की जाती है और यह दवा रोगों को दूर करने सक्षम होती है। आयुर्वेद

दालचीनी (Cinnamon)

गरम मसालों में दालचीनी (Cinnamon or Dalchini) सबको प्रिय है। सुगंधित और स्वाद में मीठी दालचीनी का हमारे रसोई में भी खास स्थान है। खासकर तब जब किचन में मुगलई डिश, बिरयानी, खीर या फिर कुछ मीठा बन रहा हो। नॉन वेज खासकर मटन में इस मसाले का प्रयोग होता ही है। इसकी मीठी खुशबू किसी भी डिश को स्पेशल बनाती ह

नींबू (Nimbu)

नींबू यानि लेमन (Lemon) को वैज्ञानिक भाषा में साइट्रस लेमन (Citrus Lemon) कहा जाता है। नींबू एक खट्टा फल है जो सबसे ज्यादा एशिया में खासतौर पर उत्तरी भारत, नॉर्थ बर्मा और चीन में पाया जाता है। नींबू पीले रंग का होता है और छोटे से पौधे पर उगता है। नींबू का पौधा सदाबहार होता है यानि इस पर नींबू की फस

नीम (Neem)

नीम के मेडिकल उपयोग (Neem Medicinal Use and Information in Hindi) चार हजार सालों से आयुर्वेद की सर्वरोगनिवारणी दवा नीम (Azadirachta indica) का लोहा एलोपैथ तो मानने ही लगी है और अब अमेरिका समेत यूरोप की मेडिकल साइंस भी नीम को 'वंडर ड्रग (Wonder Drug)' कहने लगी है। वर्ष 1992 में यूएस ने

पुदीना (Pudina)

पुदीना (Peppermint) को वैज्ञानिक रूप से मेंथा के रूप में जाना जाता है। पुदीना (Pudina) की दो दर्जन से अधिक प्रजातियां हैं और सैकड़ों किस्म की वैरायटी हैं। सभी प्रकार की मिंट (स्वीट मिंट, स्पीयर मिंट, पिप्पर मिंट और चॉकलेट मिंट) बड़ी तेजी से बढ़ने वाली और फैलने वाली मिंट हैं। मिंट को पीएच 6.0 से 7.

बादाम (Almond)

बादाम (Almond) का वैज्ञानिक नाम Prunus Dulcis है। आयुर्वेद में इसे बुद्धि और नसों के लिए लाभकारी बताया गया है। एक औंस बादाम (28 ग्राम) में 160 कैलोरी होती है, यही कारण है कि इससे ऊर्जा मिलती है। बादाम में कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता इसलिए इसका सेवन शुगर वाले लोग भी कर सकते हैं।  बादाम में एकल

बेल (Bael)

बेल फल का वानस्पतिक नाम Limonia acidissima है। बेल फल को लकड़ी सेब, हाथी एप्पल और बंदर फल जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह हाथियों का पसंदीदा भोजन है, इसलिए इसका नाम हाथी एप्पल और क्योंकि इसका खोल हार्ड लकड़ी से बना होता है इसलिए इसे लकड़ी सेब भी कहते हैं। बेल के पेड़ भारत के साथ ही एशिया के दक्षिणी भ

ब्राह्मी (Brahmi)

ब्राह्मी (Brahmi for Health) ब्राह्मी एक आयुर्वेदिक जड़ी- बूटी है, जिसका प्रयोग प्राचीनकाल से किया जा रहा है। इसका रंग हरा व सफ़ेद, स्वाद फीका तथा तासीर ठंडी होती है। ब्राह्मी का पौधा जमीन पर फैला हुआ होता है, जिसका तना और पत्तियां मुलायम, गूदेदार होते हैं।   आयुर्वेद की दृष्टि से ब्राह्मी बहु

ब्लूबेरी (Blueberry)

ब्लूबेरी (Blueberry for Health) ब्लूबेरी को नीलबदरी व अन्य नामों से भी जाना जाता है, जो एक स्वादिष्ट फल होने के साथ- साथ कई औषधीय गुणों से भी भरपूर है। छोटे व गोल आकार के ब्लूबेरी नीले रंग के होते हैं। इनका स्वाद खट्टा- मीठा होता है। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व और एंटी-ऑक्सीडेंट होने के कारण स्वास

मुलेठी (Mulethi Or Liquorice)

मुलेठी (Mulethi or Liquorice) सबसे आसानी से मिलने वाली आयुर्वेदिक औषधि है। इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में श्वसन और पाचन रोग की दवाओं में सबसे ज्यादा किया जाता है। अगर आपको गैस की बीमारी लंबे समय से सता रही है, खांसी काफी दिनों से परेशान कर रही हो, तो मुलेठी से कारगर कोई दवा नहीं होगी। शोधों से पता चला

मुल्तानी मिट्टी (Multani Mitti)

मनुष्य शरीर का निर्माण पांच तत्वों से मिलकर बना है और उन्हीं में से सबसे महत्तवपूर्ण होती है मिट्टी। मिट्टी का आम ज़िंदगी में कोई खास मूल्य नहीं है लेकिन मनुष्य के शरीर के ढांचे का सबसे अहम हिस्सा होती है मिट्टी। यह कई प्रकार की होती है और उन्हीं में से एक है मुल्तानी मिट्टी (Multni Mitti) यानि मुल

रोजमेरी (Rosemary)

रोजमेरी (Rosemary Herb for Health) रोजमेरी, एक प्राकृतिक औषधि है, जिसे गुलमेंहदी, केशवास आदि नामों से जाना जाता है। इसका इस्तेमाल भारतीय रसोई में भी देखने को मिलता है। आमतौर पर रोजमेरी का इस्तेमाल खाने में फ्लेवर और खुशबू लाने के लिए किया जाता है। इसके रोजाना इस्तेमाल से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षम

लहसुन (Garlic)

लहसुन (Garlic) हर रसोई का अभिन्न हिस्सा है। बात चाहे खाने में स्वाद बढ़ाने की हो या स्वास्थ्य की, लहसुन का काम हर जगह है। लहसुन एल्लीयम(प्याज) फॅमिली का पौधा है और यह पूरी दुनिया में उगाया जाता है। अपनी तेज महक और हेल्थी गुणों के कारण खाना बनाने में विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है।  लहसुन मे

लौंग (Cloves)

लौंग सिर्फ गरम मसाला भर नहीं है। इसके कई फायदे हैं जो हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं। इसके सेवन से पाचन अच्छा रहता है। यह कैंसर से हमें बचाता है और इसके सेवन से लीवर की बीमारी, डायबिटीज और दांत-मुंह की बीमारी से छुटकारा मिलती है। लौंग इंडोनेशिया, भारत, पाकिस्तान और पूर्वी अफ्रीका में सबसे ज्याद

शहद (Honey)

शहद में सेहत के लिए ढ़ेर सारे फायदे होने के कारण इसे पारंपरिक दवा ही नहीं भारत की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में भी उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद में शहद की महत्ता को देख एलोपैथ और आधुनिक चिकित्साशास्त्र भी शहद के औषधीय गुण पर शोध करने लगी है।
शहद मधुमक्खियों द्वारा फूलों के परागकणों

शिलाजीत (Shilajit)

शिलाजीत (Shilajit or Asphaltum) आयुर्वेदिक चिकित्सा में सदियों से शारीरिक और मानसिक ताकत के लिए दवा के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है। आयुर्वेद में इसे ‘ईश्वर का अमृत’ (Nector of God)  का नाम दिया गया है। शिलाजीत पत्थर की शिलाओं में से निकलता है, इसलिए इसे शिलाजीत कहा जाता है। गर्

सौंफ (Saunf)

सौंफ (Fennel) का वैज्ञानिक नाम (Foeniculum Vulgare) है। सौंफ (Saunf) के लाभ अनगिनत हैं। यह औषधीय गुणों से भरपूर सुगन्धित खाद्य पदार्थ है। सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन, पोटेशियम जैसे लाभकारी तत्व पाये जाते हैं। खुशबू वाली सौंफ के फूल पीले रंग के होते हैं। सौंफ के सूखे और पके हुए बीज तेल और दवाई बन

हल्दी (Haldi)

हल्दी (Haldi) को अंग्रेज़ी में टरमरिक (turmeric) कहते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम कुरकुमा लौन्गा (curcuma longa) है। हल्दी एक जड़ी बूटी है जो हल्दी के पेड़ की सूखी जड़ों और शाखाओं से बनाई जाती है। हल्दी के पेड़ की जड़ देखने में अदरक जैसी लगती है, इस जड़ को सुखाकर और पीसकर हल्दी बनती है। यह कई बीमारियों

हींग (Asafoetida)

हींग (Asafoetida) हर घर में पाई जाती है। यह न केवल भोजन को स्वादिष्ट (Tasty)बनाती है बल्कि सुपाच्य (Digest able) भी बनाती है। वैसे कई लोग हींग को केवल रसोईघर का मसाला समझते हैं और इसके औषधीय महत्त्व (Medical Properties) से परिचित नहीं हैं। बाराहमासी (Perennial) हींग की खेती ज्यादातर  काबुल

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