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बाल के बारे में (About Hair)

बाल त्वचा का हिस्सा है जो प्रोटीन से बने होते हैं। यह त्वचा के उपरी परत पर निकलते हैं। विज्ञान की भाषा में बाल को प्रोटीन फिलामेंट कहते हैं, जो त्वचा की ऊपरी परत डर्मिस पर वृद्धि करते हैं। बाल कोमल, रूखे और कड़े होते हैं। बाल जहाँ सर्दियों में ठंड से रक्षा करते हैं और गर्मियों में अधिक ताप से सिर की रक्षा करते हैं। किसी कठोर वस्तु से अचानक हुए हमले से भी बाल हमें बचाते हैं।

शरीर के अन्य भागों की अपेक्षा बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं। सिर पर बाल सबसे घने होते हैं। शरीर के बाकी हिस्सों पर छोटे छोटे रोएं निकलते हैं, जिनमें आमतौर पर वृद्धि नहीं होती है। जैसे पलकें, हाथ, पैर और पीठ इत्यादि। सामान्य तौर पर सिर के बाल हर महीने आधा इंच बढ़ते हैं। 

बाल की संरचना (Structure of Hair)

हेयर फॉलिकल (Hair Follicle)- यह हिस्सा त्वचा के अंदर रहता है। बाल का सिर्फ यही हिस्सा जीवित हिस्सा है। इसी हिस्से में ग्रोथ होती है। जैसे-जैसे जड़ बढ़ती जाती है बाल की शिराएं(shaft) बढ़ती जाती हैं। बालों के बढ़ने में ब्लड सर्कुलेशन का अहम रोल है। माना जाता है कि ब्लड सर्कुलेशन हेयर फॉलिकल से शुरु होकर बाल की शिराओं तक पहुंचता है।

इसके अतिरिक्त बाल के संरचना अन्य हिस्से भी हैं, जो निम्न हैं-

हेयर मेडयूला (Hair Medulla)- बीच वाला हिस्सा
हेयर कोर्टेक्स (Hair Cortex)- बालों की परत
हेयर क्यूटिकल (Hair Cuticle)- त्वचा के उपर रहने वाला हिस्सा
हेयर शाफ्ट (Hair Shaft)- त्वचा के उपर रहने वाला हिस्सा

बालों का रंग (Hair Color)

आमतौर पर बालों का रंग काला, भूरा या लाल हो सकता है। बालों को कुदरती रंग दो तरह के हेयर पिगमेंट से मिलता है। यह दोनों पिगमेंट मेलानिन के ही प्रकार हैं, जो बालों की जड़ हेयर फॉलिकल में पाए जाते हैं। यूमेलेनिन (Eumelanin) हेयर पिगमेंट के कारण बाल काले और भूरे होते हैं। बालों का लाल होना फिमेलेनिन (pheomelanin) हेयर पिगमेंट के कारण होता है। कभी-कभी किसी के बालों का रंग मटमैला भी होता है। इसकी वजह है हेयर पिगमेंट मेलानिन का कम बनना। बालों का रंग सफेद हो जाना उम्र के बढ़ने, बीमारी और तनाव का संकेत है। 

बालों के प्रकार (Types of Hair)

स्ट्रेट हेयर (Straight Hair)- इस तरह के बाल काफी मुलायम, चमकीली और ऑयली होते हैं। इस तरह को बालों को स्टाइल और नया लुक देना कठिन है। ऐसे बालों को नुकसान भी नहीं पहुंचता है। 

वेवी हेयर (Wavy Hair)- लहरिया बाल यानि वेवी हेयर 'S' शेप का होता है। इस तरह के बाल को कई तरह का स्टाइल और लुक दिया जा सकता है। बालों की चमक और टेक्सचर स्ट्रेट और कर्ली हेयर के बीच का होता है। 

कर्ली हेयर (Curly Hair)- घुंघराले बाल यानि कर्ली हेयर काफी घने होते हैं। सिर पर इसका आकार 'S' या 'Z' शेप में दिखता है। घुंघराले बालों को देखभाल की काफी जरुरत होती है। घुंघराले बाल खुद में एक स्टाइल है इसलिए इसमें लुक को लेकर कोई प्रयोग करने की जरुरत नहीं पड़ती है। बस देखभाल करना होता है। 

किंकी हेयर (Kinki Hair)- यह कर्ली हेयर की तरह ही होते हैं, मगर यह काफी मजबूती से आपस में गुंथे हुए रहते हैं। ऐसे बालों की देखभाल करना थोड़ा कठिन होता है।

 

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