Menu
Search
Menu
close button

मायोपिया (Myopia)

Myopia

आजकल अधिकाश लोगों की आंखों में रिफ्रैक्टिव (Refractive) विकार यानि किरणों के वक्र की समस्या के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। इसमें निकट दृष्टि दोष यानि मायोपिया (Myopia) से सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बचपन में देखने की क्षमता का विकास और किशोरावस्था में आंख की लंबाई बढ़ती है लेकिन निकट दृष्टि दोष होने की वजह से यह कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में आंख में जानेवाला प्रकाश रेटिना पर केंद्रित नहीं होता। इसी वजह से तस्वीर धुंधली दिखाई देती है लेकिन इस दोष को कॉन्टेक्ट लेंस या सर्जरी से ठीक कराया जा सकता है।

जिन लोगों को 2 मीटर या 6.6 फीट की दूरी के बाद चीजें धुंधली दिखती हैं उन्हें मायोपिया का शिकार माना जाता है। एशियाई शहरों में करीब 10 से 12 प्रतिशत विद्यार्थी इस समस्या से ग्रस्त होते हैं, इसकी वजह से वह अपनी आंखों की रोशनी भी खो सकते हैं। मायोपिया अगर गंभीर ना हो तो चश्मा लगाकर या कॉन्टेक्ट लेंस लगाकर इस समस्या से निजात पा सकते हैं। इसके अलावा अगर स्थिति गंभीर हो तो ऐसी स्थिति में रिफ्रैक्टिव सर्जरी ही इसका उपचार है।

 

मायोपिया के प्रकार- (Types of Myopia)

1. साधारण मायोपिया (Simple myopia)- यह सबसे आम निकट दृष्टि दोष है। इसमें आंख लंबी हो जाती है।

2. नोक्टूरनल मायोपिया (Nocturnal myopia)- इस मरह का मायोपिया दिन से ज्यादा कम रोशनी या रात के समय देखने में परेशानी करता है।

3. स्यूडोमायोपिया (Pseudomyopia)- इस तरह का मायोपिया कार्य के दौरान ज्यादा फोकस करने से होता है। यह विडियो गेम या कंप्यूटर पर ज्यादा वक्त बिताने वाले बच्चों या युवाओं में होता है।

4. डिजनेरेटिव मायोमिया (Degenerative myopia)- यह मायोपिया समय के साथ गंभीर होता जाता है और बढ़ता जाता है। इस तरह का मायोपिया अंधत्व का भी कारण होता है।

5. इनड्यूस्ड मायोपिया (Induced myopia)- यह शरीर में ज्यादा दवाओं के इस्तेमाल या ग्लूकोज की ज्यादा मात्रा की वजह से होता है।

 

Myopia, मायोपिया, Shortsightedness, Nikat Drishti Dosh, निकट दृष्टि दोष, Hindi

-->

राशिफल

Horoscope

शब्द रसोई से