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Skin Bleaching Benefits And Precautions

स्किन ब्लीचिंग के फायदे एवं आवश्यक बातें (Skin Bleaching Benefits And Precautions)

स्किन ब्लीचिंग (Skin Bleaching) का प्रचलन सबसे पहले मोनोबेंजाइल ईथर ऑफ़ हाइड्रोक्वनिन नामक रसायन के इस्तेमाल से हुआ था। शुरुआत में इसी रसायन को ब्लीचिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता था। मगर इसके बढ़ते रिएक्शन और साइड इफेक्ट ने महिलाओं का रुझान नेचुरल हर्ब की तरफ बढ़ाया। अब बाजार में ऐसे भी ब्लीच क्रीम हैं जो हर्बल और केमिकल के मिश्रण से बने हैं।

ब्लीच से स्किन में मेलानिन पिगमेंट कम होती है। ब्लीच क्रीम में आमतौर पर दो तत्व होते हैं, एक क्रीम और दूसरा एक्टीवेटर पाउडर। क्रीम और एक्टीवेटर पाउडर को मिला कर जब त्वचा पर लगाते हैं तो क्रीम में मौजूद हाइड्रोजन पैराक्साइड टूटती है और इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन अलग होती है। ऑक्सीजन मेलानिन पिगमेंट को ऑक्सीडाइज करती है। हम जानते हैं कि मेलानिन से ही त्वचा का रंग गहराता है। मेलानिन जितना कम होगा, त्वचा उतनी सफेद नजर आएगी।

हालांकि ब्लीचिंग आमतौर पर चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने के लिए भी किया जाता है। महिलाओं में यह भी आम धारणा है कि ब्लीचिंग करने से चेहरा तुरंत ही गोरा हो जाता है और चेहरे पर जितने दाग-धब्बे होते हैं वह छिप जाते हैं।

यह कुछ हद तक सच भी है क्योंकि ब्लीचिंग के दौरान त्वचा की मृत कोशिका (Dead cell) खत्म हो जाती है और त्वचा में नई कोशिकाओं का जन्म होता है। चेहरे की गंदगी साफ होती है और चेहरा दमक उठता है।

हालांकि, सेंसेटिव स्किन वालों को ब्लीचिंग कराने से पहले अलर्ट रहना चाहिए। जिस क्रीम या केमिकल से ब्लीच करा रहे हैं, पहले उसकी हल्की सी मात्रा त्वचा पर लगाकर सेंसेटिविटी टेस्ट करा लेना चाहिए। ब्लीचिंग का स्किन पर बहुत जल्दी साइड इफेक्ट या प्रतिक्रिया होती है। ध्यान रहे चेहरे पर मुहांसे हों या चोट लगी हो तो ब्लीच नहीं करना चाहिए।

स्किन ब्लीचिंग के फायदे (Benefits of Skin Bleaching)

  • त्वचा में निखार आता है।
  • सनटैन कम होता है।
  • मृत कोशिकाएं हटती है।
  • त्वचा के रोमछिद्र खुलते है।
  • समय-समय पर मेलानिन कम करने के लिए ब्लीच कराना चाहिए।
  • ब्लीच से चेहरे का आकर्षण बना रहता है और चेहरा सपाट नही दिखता है।
  • ब्लीचिंग का इफेक्ट चेहरे पर 15 से 20 दिनों तक रहता है।

ब्लीचिंग के लिए लोकप्रिय जड़ी-बूटियां (Common Herbs for Bleaching)

  • हल्दी
  • तमालपत्र
  • रक्तचंदन
  • कस्तूरी
  • मंजाल
  • केसर
  • जावित्री

ब्लीच करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान (Things to Check before Skin Bleaching)

  • स्किन को पहले क्लींजर से जरूर साफ करें।
  • ब्लीचिंग से पहले प्री ब्लीच क्रीम से स्किन पर मसाज करना जरुरी है, इससे स्किन सेफ रहती है।
  • ब्लीचिंग क्रीम लगाने से पहले इस्तेमाल का तरीका पढ़ लें।
  • गर्म पानी से स्नान के तुरंत बाद ब्लीचिंग न करें।
  • चेहरे पर मुंहासे हों तो ब्लीच न कराएं, इससे मुंहासे बढ़ सकते हैं।
  • ब्लीच को कभी कटे-फटे स्थान पर न लगाएं।
  • एक्टीवेटर पाउडर और क्रीम का मिक्सचर बनाते समय कभी भी मेटल की चम्मच का इस्तेमाल न करें।
  • एक्टीवेटर पाउडर का इस्तेमाल निर्देशानुसार करें। इसके ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा पर असर पड़ सकता है।

ब्लीचिंग के बाद रखें इन बातों का ध्यान (Side Effect afterSkin Bleaching)

  • ब्लीचिंग के बाद त्वचा लाल हो जाती है।
  • ब्लीच में केमिकल होता है जो त्वचा को नुकसान पहुंचाता है।
  • ब्लीचिंग से चेहरे पर बाल तेजी से बढ़ने लगते हैं।
  • शुष्क त्वचा वालों के लिए हर्बल ब्लीच से बेहतर ऑक्सी ब्लीच होता है।
  • आंखों के नीचे डार्क सर्कल को कम करने के लिए कभी ब्लीच नहीं करना चाहिए।
  • सिर्फ सांवले ही नहीं गोरों को भी ब्लीचिंग की जरुरत पड़ती है।

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